कोरबा, 24 मार्च (वेदांत समाचार)। जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचे एक युवक के साथ कथित तौर पर पुलिसकर्मियों द्वारा बेरहमी से मारपीट किए जाने का आरोप है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ने आमजन में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, धनुवारपारा (रानी रोड) निवासी राजेश मतवानी अपने पिता की वर्ष 2022 में हुई सड़क दुर्घटना के मामले में कार्रवाई की जानकारी लेने कोतवाली थाना पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि मदद करने के बजाय वहां मौजूद 4-5 पुलिसकर्मियों ने युवक के साथ दुर्व्यवहार किया और फिर उसे बेरहमी से पीट दिया। पीड़ित के चाचा श्रीचंद मतवानी द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायत पत्र में बताया गया है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि राजेश के बाएं पैर की जांघ की हड्डी (फीमर) टूट गई। घायल अवस्था में उसे जिला चिकित्सालय कोरबा में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
परिवार का कहना है कि वे पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हैं और लंबे समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जब युवक ने मामले में निष्पक्ष जांच और सीसीटीवी फुटेज देखने की मांग की, तो कथित रूप से पुलिस ने अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए उस पर अत्याचार किया।“हम न्याय के लिए भटक रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमारी आवाज दबाने की कोशिश की। मेरे भतीजे को इस हालत में पहुंचा दिया गया कि वह जीवनभर के लिए अपाहिज हो सकता है।” – श्रीचंद मतवानी (पीड़ित का चाचा)मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित पक्ष ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक (बिलासपुर रेंज) और पुलिस अधीक्षक कोरबा को शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इधर, कोरबा पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर जांच टीम गठित कर दी गई है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर पुलिस की जवाबदेही और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब सभी की नजरें जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
