Vedant Samachar

डॉल्फिन टंकी: सपनों को मिली उड़ान “डॉल्फिन टंकी: जहां छोटे सपने बनते हैं बड़े स्टार्टअप” डॉल्फिन टंकी: सपनों की पिच, सफलता की डील

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मुंबई : मुंबई की रफ्तार भरी ज़िंदगी के बीच जब सपनों को अक्सर संसाधनों की कमी रोक देती है, वहीं सलाम बॉम्बे फाउंडेशन की “डॉल्फिन टंकी” उन सपनों को नई दिशा देने का काम कर रही है। यह सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि उन युवा उद्यमियों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित साधनों के बावजूद अपने हुनर और हौसले के दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं।

एनएमआईएमएस स्कूल ऑफ बिज़नेस मैनेजमेंट के सहयोग से आयोजित इस पहल का पाँचवाँ संस्करण एक बार फिर यह साबित कर गया कि सही मार्गदर्शन और थोड़ा सा सहयोग किसी भी विचार को सफल व्यवसाय में बदल सकता है। ब्यूटी, फोटोग्राफी, मोबाइल रिपेयरिंग और डिजिटल क्रिएटिविटी जैसे क्षेत्रों से आए युवाओं ने न केवल अपने आइडिया पेश किए, बल्कि निवेशकों जैसे माहौल में खुद को परखा भी।

“डॉल्फिन टंकी” की खासियत यह है कि यह केवल फंडिंग तक सीमित नहीं, बल्कि मेंटरशिप, मार्केट कनेक्शन और आत्मविश्वास भी देता है। यही वजह है कि इस मंच से जुड़े कई युवा आज नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बन चुके हैं और यही असली बदलाव की कहानी है।

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