अंबिकापुर,22 मार्च (वेदांत समाचार)। नगर के संजय वन वाटिका में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर ने गंभीर लापरवाही पाते हुए वन वाटिका के प्रभारी सहित तीन सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, उपवनक्षेत्रपाल (एससीएफओ) एवं प्रभारी अशोक सिन्हा, वनपाल सहायक ममता परते, वनपाल प्रतिमा लकड़ा और वनपाल बिन्दु सिंह को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय सरगुजा वनमंडल, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।
वन विभाग के अनुसार, कुत्तों के हमले में कुल 15 हिरणों की जान गई है। इनमें एक नर कोटरा, पांच मादा कोटरा, एक नर चीतल, पांच मादा चीतल और दो नर चौसिंघा शामिल हैं। घटना के बाद एक और हिरण की मौत हुई, जिसका विभागीय प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार किया गया।
जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले 4-5 आवारा कुत्ते बाड़े में घुस गए थे और हिरणों पर हमला कर दिया। इस हमले में बड़ी संख्या में हिरण मारे गए। आरोप है कि वाटिका प्रबंधन ने घटना को दबाने के लिए 14 हिरणों के शवों को पीछे जंगल में चुपचाप जला दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही डीएफओ अभिषेक जोगावत मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान बाड़े में एक हिरण का शव मिला, जबकि जंगल के पीछे शव जलाने के प्रमाण भी मिले।
डीएफओ ने इस घटना के लिए वाटिका प्रबंधन और वन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए एसडीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। टीम को दो दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

