तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च । डॉक्टर वंदना दास की नृशंस हत्या के मामले में केरल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोल्लम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी जी. संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले की खास बात यह है कि संदीप को पहले अन्य अपराधों के लिए 30 साल की सजा काटनी होगी। इसके बाद ही उम्रकैद की सजा शुरू होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना वर्ष 2023 की है। वंदना दास की हत्या ने केरल ही नहीं बल्कि पूरे भारत के डॉक्टरों को झकझोर कर रख दिया था। पेशे से शिक्षक जी. संदीप को पुलिस इलाज के लिए कोट्टारक्कारा के तालुक अस्पताल ले गई थी। संदीप ने खुद 112 नंबर पर कॉल कर अपनी जान को खतरा बताया था। जब पुलिस उसे घायल अवस्था में अस्पताल लाई, तो वहां ड्रेसिंग रूम में अचानक वह हिंसक हो गया।
संदीप ने वहां रखे सर्जिकल कैंची को हथियार बनाया और अंधाधुंध हमला शुरू कर दिया। उसने सबसे पहले साथ आए पुलिसकर्मियों पर हमला किया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात युवा डॉक्टर वंदना दास भाग नहीं सकीं। संदीप ने उन पर कैंची से कई वार किए। बुरी तरह घायल वंदना को तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
