Vedant Samachar

हिंदू नव वर्ष की भव्य शौर्य यात्रा में अखबार वितरक संघ के परिवार द्वारा लगाया गया सेवा स्टॉल, श्रद्धालुओं को मिला जल सेवा का लाभ

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कोरबा,19 मार्च 2026। हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर कोरबा जिले में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन को लेकर शहर में व्यापक उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए विभिन्न सामाजिक एवं सेवा संगठनों द्वारा भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

इसी कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अखबार वितरक संघ, कोरबा द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए शौर्य यात्रा के दौरान सेवा स्टॉल लगाने का निर्णय लिया गया है। संघ द्वारा सीतामढ़ी क्षेत्र में यह सेवा स्टॉल स्थापित किया , जहां यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की जाएगी। संघ पिछले तीन वर्षों से लगातार इस आयोजन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए सेवा कार्य कर रहा है।

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शौर्य यात्रा में हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, ऐसे में भीड़ और गर्मी को ध्यान में रखते हुए जल सेवा अत्यंत आवश्यक हो जाती है। इसी उद्देश्य से संघ द्वारा यह पहल की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस सेवा कार्य में संघ के प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह चंदेल, संरक्षक रेशम साहू, जिला अध्यक्ष विपेन्द्र कुमार साहू, सचिव जयसिंह नेताम, कोषाध्यक्ष लक्ष्मी राठौर एवं सहसचिव रायसिंह सहित संस्कार समिति के अध्यक्ष आकांक्षा चंदेल सचिव ,नेहा, अग्रवाल, रेणुका, नीलिमा गहलोत, रवीना साहू, पुष्पा साहू,रतन राठौर, श्याम भाई निरंजन साहू, नेताम योगेश्वरी,रामा, शंकर दीवान, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, राजू सैनी, सुरेंद्र साहू संतराम, बबलू यादव, विजय दास रविंदर, बजरंग यादव, दिलबाग, रतन पटेल, कृष्ण निर्मलकर, तपेश्वर राठौर, राजकुमार पटेल, अनिल गिरी सरोज, राकेश साहू, हर्ष नेताम, जीवन लाल चौहान, सत्येंद्र पुरी, राहुल, पप्पू विजय, ओमकार, दीपक, अज्जू सहित बड़ी संख्या में संघ के सदस्य इस सेवा कार्य में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

अखबार वितरक संघ की इस पहल को सामाजिक समर्पण और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक कदम बताया है। हिंदू नव वर्ष के अवसर पर इस तरह की सेवा गतिविधियां न केवल सामाजिक एकता को मजबूत करती हैं, बल्कि समाज में सहयोग और सद्भाव का संदेश भी देती हैं।

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