Vedant Samachar

आईएएस के स्पेशल सेक्रेटरी ने की आत्महत्या, छठी मंजिल से कूदकर दी जान

Vedant Samachar
3 Min Read

चंडीगढ़,25फरवरी । हरियाणा सिविल सचिवालय से बुधवार दोपहर एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई। सचिवालय में तैनात वरिष्ठ अधिकारी गणेश दास अरोड़ा ने छठी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सचिवालय परिसर में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार गणेश दास अरोड़ा 2019 बैच के आईएएस अधिकारी हितेश कुमार मीणा के स्पेशल सीनियर सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे।

काम के दौरान उठाया कदम
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर करीब 12:24 से 12:45 बजे के बीच अरोड़ा अपने कार्यालय में नियमित कार्य कर रहे थे। अचानक वे कुर्सी से उठे और गैलरी की ओर चले गए। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, वे छठी मंजिल की बालकनी से नीचे कूद गए। आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे।

उन्हें तुरंत सेक्टर-16 सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

विभाग परिवर्तन को लेकर तनाव की चर्चा
सचिवालय सूत्रों के अनुसार गणेश दास अरोड़ा पिछले कुछ समय से विभाग परिवर्तन को लेकर तनाव में थे। बताया जा रहा है कि नई पोस्टिंग से वे संतुष्ट नहीं थे। उल्लेखनीय है कि वे इसी वर्ष अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे। रिटायरमेंट से कुछ माह पहले उठाए गए इस कदम ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।

पहले भी प्रयास की जानकारी
प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि पिछले 15 दिनों में उन्होंने दो बार ऊपरी मंजिलों से कूदने की कोशिश की थी, लेकिन सहकर्मियों ने उन्हें समझा-बुझाकर रोक लिया था। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस जांच जारी
चंडीगढ़ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस सहकर्मियों और परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। मृतक की पत्नी उमा अरोड़ा हरियाणा राजभवन में कार्यरत बताई जा रही हैं।

इस घटना ने न केवल सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था बल्कि सरकारी कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नोट: यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करना जरूरी है। समय पर सहायता जीवन बचा सकती है।

Share This Article