Vedant Samachar

WhatsApp ने SC में डेटा शेयरिंग पर दिया ये बड़ा अपडेट, मेटा करेगी CCI के निर्देशों का पालन

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इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद फिर से सुप्रीम कोर्ट के सामने आया है. इस मामले में व्हाट्सऐप ने सुप्रीम कोर्ट को इस बात का भरोसा दिलाया है कि यूजर्स के डेटा को मेटा के साथ शेयर करने वाली बात सही नहीं है और कंपनी इस मामले में CCI (कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया) के निर्देशों का पालन करेगी.

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच के सामने पेश हुए WhatsApp और पेरेंट कंपनी Meta के सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि इसकी टेक्नोलॉजी बहुत साफ है और प्राइवेसी को खास महत्व देती है. कपिल सिब्बल ने कहा, कानून तोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है.

कंपनी ने कहा कि 16 मार्च तक सभी जरूरी बदलाव लागू कर दिए जाएंगे. कंपनी द्वारा दी गई इस जानकारी के बाद ये मामला फिर से चर्चा में आ गया है, क्योंकि इसका असर करोड़ों यूजर्स के डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी पर पड़ता है. WhatsApp की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि कंपनी नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के दिसंबर 2025 के फैसले में बदले गए निर्देशों का पालन करेगी. याद दिला दें कि मेटा को 3 महीने के अंदर रेगुलेटर के सुरक्षा उपायों को लागू करने का निर्देश दिया था.

कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि चूंकि कंपनी ने अब निर्देशों का पालन कर लिया है, इसलिए वह ऑर्डर के उन पहलुओं को चुनौती देने वाली अपील वापस ले सकती है. उन्होंने WhatsApp का एक एफिडेविट भी रिकॉर्ड में रखा जिसमें कहा गया था कि एडवरटाइजिंग के मकसद से डेटा शेयर कर यूजर प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं किया है, जैसा कि रेगुलेटर ने आरोप लगाया है.

कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह मामला WhatsApp के 2021 प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट से जुड़ा है, जिसमें यूजर डेटा जिसमें फोन नंबर, डिवाइस की जानकारी और बिजनेस अकाउंट के साथ इंटरैक्शन शामिल हैं को मेटा कंपनियों के साथ शेयर करने की इजाजत दी गई थी. इसे आलोचकों ने टेक-इट-या-लीव-इट बताया था, इस अपडेट से प्राइवेसी और कॉम्पिटिशन को लेकर बहुत चिंताएं पैदा हुईं, जिसके कारण CCI ने कार्रवाई शुरू की थी.

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