दुबई के आसमान में भारत का गर्व शुक्रवार को मातम में बदल गया। एयर शो के दौरान हजारों दर्शकों के सामने एयरोबैटिक करतब दिखा रहा भारतीय वायुसेना का ‘तेजस’ विमान अचानक एक आग के गोले में तब्दील हो गया।
इस दिल दहला देने वाले हादसे में देश ने अपना एक जांबाज सपूत, विंग कमांडर नमांश स्याल (Namansh Syal) हमेशा के लिए खो दिया।
37 वर्षीय पायलट एयर शो के अंतिम दिन कम ऊंचाई पर एयरोबैटिक (हवा में कलाबाजी) युद्धाभ्यास कर रहे थे, तभी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ।
IAF ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि, ‘दुबई एयर शो में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक IAF तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय वायुसेना इस जीवन की क्षति पर गहरा दुख व्यक्त करती है और इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (जांच) का गठन किया जा रहा है।’ इससे पहले साल 2016 में वायुसेना में शामिल किए जाने के बाद से स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान से जुड़ी यह दूसरी दुर्घटना है।
कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल?
विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी (जो स्वयं एक IAF अधिकारी हैं), उनकी छह साल की बेटी और उनके माता-पिता हैं।
शिक्षा: जिला प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, सुजानपुर टीरा से पूरी की थी।
करियर: ‘भारत रक्षक’ वेबसाइट के अनुसार, उन्हें 24 दिसंबर 2009 को भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था।
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, स्याल के एक रिश्तेदार रमेश कुमार ने बताया कि, ‘नमांश के माता-पिता वर्तमान में तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास सुलूर वायुसेना स्टेशन पर हैं। उनकी पत्नी, जो वायुसेना में ही कार्यरत हैं, एक कोर्स के लिए कोलकाता में हैं। उनके पिता जगन्नाथ स्याल ने भारतीय सेना की मेडिकल कोर में सेवा दी थी और बाद में शिक्षा विभाग में काम किया, जहां से वे प्रिंसिपल के रूप में रिटायर हुए।’
कौन थे विंग कमांडर नमांश स्याल?
विंग कमांडर स्याल के निधन की खबर से उनके गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर है। घटना की जानकारी मिलते ही सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पायलट की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि ‘राष्ट्र ने एक बहादुर, कर्तव्यनिष्ठ और साहसी पायलट खो दिया है।’ उन्होंने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने भी इस घटना को ‘अत्यंत हृदयविदारक और पीड़ादायक’ बताया।
दुबई एयर शो में क्या हुआ था?
यह हादसा दुबई एयर शो में एक नियमित एयरोबैटिक प्रदर्शन के दौरान हुआ। यह दुनिया की सबसे बड़ी विमानन प्रदर्शनियों में से एक है, जहां 150 से अधिक देश अपनी एयरोस्पेस क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहे थे। यह कार्यक्रम 17 नवंबर को शुरू हुआ था।
घटनाक्रम: अंतिम दिन के विजुअल्स (दृश्यों) में दिखा कि तेजस फाइटर अचानक नीचे की ओर गोता (nose-diving) लगाने लगा और एक आग के गोले में बदल गया, जिससे एयरफील्ड में धुएं का गुबार फैल गया।
जांच: अब एक कोर्ट ऑफ इंक्वायरी इस बात की जांच कर रही है कि आखिर क्या गलत हुआ।
पिछला हादसा: यह घटना मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक अन्य तेजस के क्रैश होने के बाद हुई है, जो एक ट्रेनिंग उड़ान पर था। उस घटना में पायलट सुरक्षित इजेक्ट करने में सफल रहे थे।



