Best Course For Working Professionals: वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए ऑनलाइन कोर्स करियर काफी फायदेमंद हो सकता है. इससे उन्हें नए-नए स्किल्स को सीखने का मौका मिलता है. डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कई कोर्स सीखकर आप खुद को दूसरों से बहतर बना सकते हैं.
आज के समय में सिर्फ डिग्री काफी नहीं है. अगर करियर में ग्रोथ चाहिए, प्रमोशन चाहिए या सैलरी बढ़ानी है, तो नई स्किल्स सीखना जरूरी हो गया है. अब आप सोच रहे होंगे कि काम के साथ स्किल्स सीखने के लिए समय कैसे निकालें. बता दें, कि मार्केट में कई ऐसे कोर्स मौजूद हैं, जिन्हें प्रोफेशनल के लिए डिजाइन किया गया है. ये कोर्स ऑनलाइन हैं और इसके लिए आपको अपना काम छोड़ने की जरूरत नहीं है.
डेटा एनालिटिक्स
आज के समय में डेटा किसी भी कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है. कंपनियां अपने ग्राहकों के व्यवहार, बिक्री के पैटर्न और बाजार के ट्रेंड को समझने के लिए डेटा का इस्तेमाल करती हैं. यही वजह है कि डेटा एनालिटिक्स प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है.
क्या है डेटा एनालिसिस का कोर्स?
इस कोर्स में आमतौर पर पायथन, SQL, एक्सेल, पावर BI और डेटा विजुअलाइजेशन टूल्स सिखाए जाते हैं. स्टूडेंट्स को यह भी सिखाया जाता है कि कच्चे डेटा को समझकर उससे उपयोगी इनसाइट्स कैसे निकाली जाएं.
करियर ऑप्शन
कोर्स पूरा करने के बाद आप डेटा एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट, रिपोर्टिंग एनालिस्ट या बिजनेस इंटेलिजेंस एग्जीक्यूटिव जैसे पदों पर काम कर सकते हैं. टेक, फाइनेंस, हेल्थकेयर और ई कॉमर्स सेक्टर में इसकी भारी डिमांड है. इस कोर्स को करने के बाद 3 लाख रूपये से लेकर 6 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है. अनुभव के साथ सैलरी बढ़ सकती है.
डिजिटल मार्केटिंग
डिजिटल दौर में हर ब्रांड की मौजूदगी ऑनलाइन होना जरूरी है. कंपनियां अपने प्रोडक्ट और सर्विस को प्रमोट करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा ले रही हैं. ऐसे में डिजिटल मार्केटिंग एक हाई ग्रोथ करियर विकल्प बन गया है.
क्या-क्या सिखाते हैं इस कोर्स में?
इस कोर्स में SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, गूगल एड्स, कंटेंट मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग और वेबसाइट एनालिटिक्स जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं. इसके अलावा ब्रांड स्ट्रेटेजी और ऑडियंस टारगेटिंग की समझ भी दी जाती है.
करियर ऑप्शन
डिजिटल मार्केटिंग की खास बात यह है कि इसमें जॉब के साथ साथ फ्रीलांस और खुद का एजेंसी मॉडल शुरू करने का भी विकल्प रहता है. छोटे शहरों से लेकर मल्टीनेशनल कंपनियों तक, हर जगह इसकी जरूरत है.
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट
जैसे जैसे कंपनियां बड़ी होती हैं, प्रोजेक्ट्स जटिल होते जाते हैं. ऐसे में एक स्किल प्रोजेक्ट मैनेजर की जरूरत होती है जो टीम को दिशा दे सके और समय पर काम पूरा करा सके.
क्या-क्या सिखाते हैं इस कोर्स में?
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कोर्स में प्रोजेक्ट प्लानिंग, रिस्क मैनेजमेंट, बजटिंग, रिसोर्स मैनेजमेंट और टीम कोऑर्डिनेशन सिखाया जाता है. कई कोर्स में Agile और Scrum जैसी एडवांस टेक्नोलॉजी भी शामिल होती है.
करियर ऑप्शन
यह कोर्स खासतौर पर उन प्रोफेशनल्स के लिए फायदेमंद है जो मिड या सीनियर लेवल पर प्रमोशन चाहते हैं और लीडरशिप रोल में आना चाहते हैं. IT, कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इसकी बड़ी मांग है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग
AI और मशीन लर्निंग आज की सबसे तेजी से बढ़ती टेक्नीक में शामिल हैं. चैटबॉट, फेस रिकग्निशन, रिकमेंडेशन सिस्टम और ऑटोमेशन जैसी तकनीकें AI पर आधारित हैं.
क्या-क्या सिखाते हैं इस कोर्स में?
इस कोर्स में प्रोग्रामिंग, एल्गोरिद्म, डेटा मॉडलिंग और मशीन लर्निंग तकनीक सिखाई जाती है. स्टूडेंट्स को यह समझाया जाता है कि मशीनें डेटा से कैसे सीखती हैं और फैसले कैसे लेती हैं.
करियर ऑप्शन
AI और ML स्किल्स रखने वाले प्रोफेशनल्स को आमतौर पर हाई पैकेज ऑफर किया जाता है. टेक कंपनियों के अलावा बैंकिंग, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और स्टार्टअप सेक्टर में भी इनकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है. शुरुआती सैलरी 6-18 लाख रुपये सालाना होती है.
बिजनेस मैनेजमेंट या लीडरशिप कोर्स
जो लोग मैनेजमेंट या सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव रोल में जाना चाहते हैं, उनके लिए यह कोर्स बेहद उपयोगी है. इसमें बिजनेस स्ट्रेटेजी, फाइनेंशियल प्लानिंग, ऑपरेशन मैनेजमेंट और टीम लीडरशिप पर फोकस किया जाता है.
क्या-क्या सिखाते हैं इस कोर्स में?
यह कोर्स न सिर्फ तकनीकी ज्ञान देता है बल्कि निर्णय लेने की क्षमता, कम्युनिकेशन स्किल और समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित करता है.
करियर ऑप्शन
बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स करने के बाद आप मैनेजर, टीम लीड, ऑपरेशंस हेड या बिजनेस कंसल्टेंट जैसे पदों पर काम कर सकते हैं.
