रायगढ़,15 फरवरी(वेदांत समाचार)। रायगढ़ पुलिस ने “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 24 नग गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान जोबी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 नग गौवंश, एक पिकअप वाहन और एक मोटरसाइकिल जप्त की है, वहीं धरमजयगढ़ क्षेत्र में पुलिस और जागरूक नागरिकों की तत्परता से 14 गौवंश को बुचड़खाने ले जाने से बचाया गया। आरोपियों के विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में मवेशी तस्करों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गश्त और नाकेबंदी कर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी क्रम में 14 फरवरी की रात पुलिस चौकी जोबी को सूचना मिली कि मोटरसाइकिल से पायलटिंग करते हुए तस्कर पिकअप वाहन में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक लादकर ले जा रहे हैं। सूचना पर जोबी चौकी प्रभारी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर ने टीम के साथ अटल चौक पर नाकेबंदी की।
नाकेबंदी के दौरान बिना नंबर की होंडा साइन मोटरसाइकिल को रोका गया, जिसका चालक भूपेंद्र यादव निवासी सिंगीबहार थाना तपकरा जिला जशपुर निकला। उसके पीछे आ रहे पिकअप वाहन क्रमांक JH 07 M 0203 को रोककर जांच की गई, जिसमें चालक पवन राम और उसके साथ परमेश्वर यादव सवार मिले। वाहन की तलाशी में 10 नग गौवंश को रस्सियों से बांधकर अवैध रूप से ले जाया जाना पाया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन (कीमत लगभग 6 लाख रुपये), 10 नग गौवंश (करीब 2.55 लाख रुपये) और मोटरसाइकिल (करीब 1 लाख रुपये) सहित कुल 9.55 लाख रुपये की संपत्ति जप्त की। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दूसरी कार्रवाई धरमजयगढ़ क्षेत्र के ग्राम कोन्ध्रा जंगल में की गई, जहां मवेशी तस्करी की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों की आहट पाकर तस्कर 14 नग गौवंश को छोड़कर फरार हो गए। मौके से गौवंश को सुरक्षित जप्त कर पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया तथा चारा-पानी की व्यवस्था की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर उनकी तलाश जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत मवेशी तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध परिवहन और पशु क्रूरता के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिकों से ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है और पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है।
