तेलंगाना के राजन्ना सिरसिला जिले में एक दर्दनाक हादसा उस समय सामने आया जब येल्लारेड्डीपेट मंडल के गोलापल्ली गांव में रहने वाले 45 वर्षीय ऑटो चालक सुरेंद्र की गले में चिकन की हड्डी फंस जाने से मौत हो गई। रविवार को हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। सुरेंद्र के घर में उनकी पत्नी और दो बेटियाँ हैं, जो उनकी मौत के बाद बदहवास हालत में रो रही हैं।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, सुरेंद्र गोलापल्ली स्थित केसीआर डबल बेडरूम कॉलोनी में रहते थे और ट्रॉली ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार को वह छुट्टी पर घर पर ही मौजूद थे। दोपहर के समय खाना खाते हुए अचानक उनके गले में चिकन की एक नुकीली हड्डी फंस गई। कुछ ही क्षणों में उनकी सांस लेने में दिक्कत बढ़ने लगी और दम घुटने लगा। परिजन और आसपास के लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही सुरेंद्र की हालत बिगड़ती चली गई और उनकी मौत हो गई।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि सुरेंद्र हमेशा मेहनत करके परिवार का पेट पालते थे। उनकी अचानक हुई मौत ने घर में मातम छा दिया है। उनकी बेटियाँ पिता को खोने के दुख में फूट-फूटकर रो रही हैं।
बताया जाता है कि इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब खाना खाते समय गले में हड्डी या खाना फंसने से लोगों की जान चली गई। विशेषज्ञों के अनुसार, खाना खाते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। खाते हुए बात करने या जल्दी-जल्दी निगलने पर खाना गलती से श्वास नली में जा सकता है, जिससे दम घुटने जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
सुरेंद्र की मौत ने एक बार फिर सभी को सतर्क रहने की सीख दी है। परिवार और स्थानीय लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं और प्रशासन से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग कर रहे हैं।



