कोरबा,09 फरवरी(वेदांत समाचार)। ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा एक मामला न्यू कोरबा हॉस्पिटल में आया, जिसका सफल ऑपरेशन कर न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी प्रगदा ने मरीज की जान बचा ली। 47 वर्षीय ममता(बदला हुआ नाम) क्स्टसीरा कोरबा निवासी अचानक झटके, बार-बार उल्टी की शिकायत व चक्कर के कारण वह बेहोश हो गयी। परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में न्यू कोरबा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में रखा गया। मस्तिष्क का एमआरआई करने पर पता चला कि ब्रेन के दायें हिस्से में गेंद के आकार का बड़ा गांठ बना हुआ था, जिसे मेनिंजियोमा ट्यूमर कहते हैं। जो मस्तिष्क पर अत्याधिक दबाव डाल रहा था।
गांठ को परिवार के लोग देखकर हैरान रह गए। परिजनों ने तब राहत की सांस ली जब न्यूरोसर्जन ने ऑपरेशन हो जाने की बात कही। न्यूरोसर्जन ने एनेस्थेटिस्ट व ओटी टीम के साथ 7 घंटे तक ऑपरेशन किया जो पूर्णत: सफल रहा, मरीज़ की हालत में धीरे-धीरे लगातर सुधार आता गया, बातचीत करने लगी और किसी भी प्रकार के दौरे व उल्टी की तकलीफ नहीं हुयी। न्यूरो फिजियोथैरेपिस्ट के प्रयास से मरीज को चलाया-फिराया गया। मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब वह स्वस्थ है। मरीज के परिजनों ने डॉ. शिवानी सहित न्यू कोरबा हॉस्पिटल टीम का आभार जताया है।
ब्रेन ट्यूमर का सफल इलाज न्यू कोरबा हॉस्पिटल में
न्यूरोसर्जन ने बताया कि न्यू कोरबा हॉस्पिटल अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित है, जहां हर प्रकार के ब्रेन संबन्धी समस्याओं का सफल उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज दवाइयों से संभव नहीं होता, इसका प्रभावी उपचार समय पर सर्जरी है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं। अस्पताल में न्यूरो केयर विभाग अंतर्गत न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरो साइकियाट्रिस्ट एवं न्यूरो फिजिशियन विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, जिससे न्यूरो से संबंधित सभी उपचार एक ही स्थान पर संभव हो पाते हैं।
NKH हॉस्पिटल में 24×7 न्यूरो केयर शुरू, अब महानगरों पर निर्भरता खत्म
अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि यह केस NKH सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी विशेषज्ञों और आपातकालीन न्यूरोसर्जरी क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरबा में कैथलैब की शुरुआत कर हृदय रोगियों को राहत दी गई, उसी तरह अब न्यूरो केयर डिपार्टमेंट की शुरुआत की गई है। यहां 24 घंटे न्यूरो से जुड़ी गंभीर समस्याओं का त्वरित निदान और उपचार मिल रहा है। इससे कोरबा एवं आसपास के मरीजों को अब इलाज के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
