Vedant Samachar

सोनी सब के ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ ने यह चर्चा जगा दी है कि विवाहित बेटी का मायका हमेशा उसका अपना घर होता है

Vedant samachar
3 Min Read

मुंबई, 04 फरवरी, 2026: सोनी सब का पुष्पा इम्पॉसिबल अपनी प्रेरणादायक कहानी और सहज पात्रों के साथ दर्शकों का दिल जीत रहा है। शो में मुख्य किरदार पुष्पा (करुणा पांडे) के रोज़मर्रा के संघर्ष और जीत को खूबसूरती से दिखाया गया है, जिससे यह टेलीविज़न पर सबसे प्रिय पारिवारिक मनोरंजन कार्यक्रमों में से एक बन गया है। हाल ही में दिखाए गए प्रसंग में पुष्पा और उसकी बेटी राशी (अक्षया हिंदालकर) के बीच का बंधन उजागर किया गया, जो यह संदेश देता है कि चाहे जीवन कितना भी कठिन क्यों न हो, माँ का घर हमेशा बेटी का सबसे सुरक्षित आश्रय होता है।

शो में पुष्पा और राशी के बीच का भावुक क्षण दर्शाया गया है, जो उस निःस्वार्थ गर्मजोशी, सुरक्षा और आश्वासन को सामने लाता है, जो केवल माँ ही दे सकती हैं। पुष्पा उस धारणा को तोड़ती है जो आज भी कई भारतीय घरों में मौजूद है कि विवाह के बाद बेटी का मायके में लौटने या वहाँ सुकून पाने का अधिकार कम हो जाता है। इस सोच को चुनौती देते हुए पुष्पा दृढ़ता से कहती है कि वह उन माता-पिता में से नहीं हैं, जो बेटी को विवाह के बाद भूल जाते हैं। पुष्पा के लिए राशी हमेशा पहले उसकी बेटी है, चाहे उसका वैवाहिक दर्जा कुछ भी हो। माँ की जिम्मेदारी विवाह पर समाप्त नहीं होती, बल्कि और गहरी हो जाती है। वह राशी की भलाई, उसके परिवेश और इस बात की चिंता करती रहती है कि उसे प्रेम, गरिमा और सम्मान मिल रहा है या नहीं। पुष्पा स्पष्ट करती है कि जिस घर का राशी हिस्सा बनती है, उसे उसे अपने परिवार की तरह अपनाना चाहिए और वही देखभाल व समझ देनी चाहिए जो उसे हमेशा मिली है।

ऐसी सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी कहने के साथ पुष्पा इम्पॉसिबल लगातार सार्थक संदेश देता है और भावनाओं से जुड़ा रहता है, दर्शकों को याद दिलाता है कि माँ का घर हमेशा बेटी का स्थायी ठिकाना रहेगा।

अपने अनुभव के बारे में करुणा पांडे ने साझा किया, “बेटी को ‘पराया धन’ कहे जाने का विचार मुझे हमेशा बहुत परेशान करता रहा है। मेरा मानना है कि बेटी ही माता-पिता के घर की असली समृद्धि, शक्ति और खुशी का स्रोत होती है, फिर भी उसे ऐसा महसूस कराया जाता है कि वह वहाँ की नहीं है। एक भारतीय महिला के रूप में मैं हमेशा इस आवाज़ को उठाना चाहती थी और पुष्पा के माध्यम से मुझे आखिरकार यह अवसर मिला। मैं लेखकों, निर्देशकों और पूरी टीम की आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका दिया, जो प्रगतिशील है और समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।”

देखिए पुष्पा इम्पॉसिबल, हर सोमवार से शनिवार रात 9:30 बजे, केवल सोनी सब पर।

Share This Article