Vedant Samachar

Bhagalpur news गंगा स्नान के दौरान पांच किशोरियां डूबीं, एक की मौत

Vedant samachar
3 Min Read

माघ पूर्णिमा पर बटेश्वर स्थान स्थित श्मशान घाट पर रविवार को गंगा स्नान के दौरान पांच किशोरियां गहरे पानी में डूबने लगीं. एसडीआरएफ ने चार किशोरियों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक किशोरी की डूबने से मौत हो गयी. मृतका की पहचान संध्या कुमारी (15), पिता अभिमन्यु मंडल, बड़ी रामपुर, उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) के रूप में की गयी है. घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे की है. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव बरामद किया. चारों बचायी गयी किशोरियां एक ही टोले की रहने वाली हैं, जिनमें से दो को अनुमंडल अस्पताल कहलगांव में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गयी. घटना की सूचना पर अंतिचक थाना की पुलिस व सीओ सुप्रिया मौके पर पहुंची. घटना स्थल रंगरा थाना क्षेत्र में पड़ने से परिजन शव को रंगरा थाना ले गये, जहां पोस्टमार्टम होगा. इस दुर्घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गयी है. उक्त श्मशान घाट व नौका फेरी घाट गोपालपुर के रंगरा थाना क्षेत्र में आता है. मेला की उगाही और घाट संचालन की जिम्मेदारी नौका फेरी संवेदक भोला मंडल के पास है, लेकिन यहां बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किये गये हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी घाट पर बार-बार डूबने की घटनाएं होती रही हैं. पांच वर्षों में यहां आधा दर्जन से अधिक युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है. स्नान के दौरान सबसे पहले अर्जुन मंडल कि पुत्री ज्योति कुमारी(19) गहरे पानी में चली गयी और वह डूबने लगी. बचाने गयी संध्या कुमारी (13) ने ज्योति का हाथ पकड़ कर उसे निकालने की कोशिश कर रही थी. ज्योति तो ऊपर आ गयी, लेकिन संध्या गहरे पानी में चली गयी, जिससे उसकी मौत हो गयी. ज्योति ने बताया कि संध्या जब डूब रही थी, तो उसको बचाने प्रीति कुमारी गयी और वह डूबने लगी. प्रीति को डूबता देख कर उसकी सगी व जुड़वां बहन प्रिया कुमारी गयी और वह भी डूबने लगी. देखते ही देखते पांचवीं लड़की आरती कुमारी भी गयी और प्रिया का हाथ पकड़ कर उसे निकालने का प्रयास करने लगी, लेकिन आरती डूबने लगी. तब तक सभी लड़की को डूबता देख एक नाविक नाव से कूद कर एक-एक कर चार लड़कियों को बचाया, लेकिन संध्या को नहीं बचा सका. ज्योति की हालत गंभीर होने से परिजनो ने अंतिचक थाना की पुलिस की मदद से अनुमंडल अस्पताल कहलगांव पहॅुंचाया. उसे दो घंटे के बाद होश आ गया. परिजन उसको लेकर चले गये.

Share This Article