Vedant Samachar

माइक्रो-प्लानिंग से मिली बड़ी सफलता, 147 छात्रावासों में चला सघन नेत्र परीक्षण अभियान

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रायगढ़, 15 जनवरी 2026 (वेदांत समाचार)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन की गुड गवर्नेंस की परिकल्पना को साकार करते हुए कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर छात्रावासों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए एक अनुकरणीय पहल करते हुए सघन नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण अभियान का सफल संचालन किया गया।

जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि कई छात्र पढ़ाई में रुचि और क्षमता होने के बावजूद दृष्टि दोष के कारण ब्लैकबोर्ड स्पष्ट नहीं देख पा रहे थे। आर्थिक अभाव और जागरूकता की कमी के कारणं छात्र अपनी समस्या साझा नहीं कर पा रहे थे। कलेक्टर ने इसे केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्या न मानते हुए बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय माना और तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के समन्वय से जिले के 147 छात्रावासों में विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान के तहत 4686 छात्रों की नेत्र जांच जिला चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक उपकरणों से की गई। जांच के दौरान 235 छात्र दृष्टि दोष से ग्रसित पाए गए, जिनमें से 149 छात्रों को पावर वाले चश्मे निःशुल्क प्रदान किए गए। चश्मों का निर्माण और वितरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया गया।

पढ़ाई में सुधार, आत्मविश्वास में बढ़ोतरी

चश्मा मिलने के बाद छात्रों की पढ़ाई में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। बच्चों की एकाग्रता बढ़ी है और वे कक्षा की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। अभिभावकों और छात्रावास अधीक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया है। यह अभियान मुख्यमंत्री के गुड गवर्नेंस विजन का जमीनी स्तर पर सफल क्रियान्वयन है, जहाँ प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाया।

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