यूपी,11 जनवरी। कानपुर के सचेंडी में किशोरी से गैंगरेप के आरोपी दारोगा अमित मौर्य पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। आरोपी दारोगा घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। गैंगरेप के आरोपी दारोगा अमित कुमार मौर्या की तलाश में पुलिस की चार टीमें प्रदेश के कई जनपदों की खाक छान रही हैं। पुलिस को प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ और बनारस में उसकी लोकेशन मिल चुकी है।
हालांकि पिछले दो दिनों से उसका मोबाइल बंद जा रहा है ऐसे में अब उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। दारोगा का गृह जनपद गोरखपुर होने के चलते वहां भी एक टीम तलाश कर रही है। खुद सचेंडी थाना प्रभारी उसकी तलाश में दबिश दे रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा के परिजनों से भी संपर्क किया गया है। ताकि वह आत्मसमर्पण कर दे। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि गैंगरेप की घटना के बाद यूट्यूबर शिवबरन यादव को जेल भेजा जा चुका है। काली रंग की स्कॉर्पियो भी बरामद कर ली गई है। दारोगा अमित फरार है। उसकी तलाश में टीमें लगी हैं। दरोगा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
इससे पहले कथित लापरवाही और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोप में पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) दिनेश त्रिपाठी को हटाया गया था और सचेंडी थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह को निलंबित किया गया था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर लापरवाही के दोषी पाए गए सभी अधिकारियों को गैर-जिला क्षेत्र (नॉन-डीएफ) पदों पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने इस कदम को उदाहरण पेश करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बताया है। घटना के चार दिन बाद शुक्रवार को पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया।
नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया इससे एक दिन पहले, अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई थी क्योंकि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद यौन अपराधों से बाल संरक्षण अधिनियम (पाक्सो) के प्रावधानों को लागू नहीं किया था। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में बाद में अधिनियम की संबंधित धाराओं को शामिल करने के लिए संशोधन किया गया।



