नए साल की शुरुआत अगर भगवान के आशीर्वाद से हो जाए, तो पूरा साल मंगलमय माना जाता है. यही वजह है कि हर साल लाखों श्रद्धालु आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. नए साल पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए यदि आप भी तिरुपति यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी.
तिरुपति मंदिर में किस भगवान की पूजा होती है?
तिरुपति बालाजी मंदिर में मुख्य रूप से भगवान वेंकटेश्वर की पूजा होती है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. उन्हें कई अन्य नामों से भी जाना जाता है.
वेंकटेश्वर: इसका अर्थ है वह भगवान जो पापों का नाश करते हैं.
बालाजी: उत्तर भारत में भक्त उन्हें इसी नाम से पुकारते हैं.
सप्तगिरीश्वर: सात पहाड़ियों के स्वामी के रूप के अलावा भी जाना जाता है.
श्रीनिवास और गोविंदा: ये दोनों ही तिरुपति में पूजे जाने वाले भगवान वेंकटेश्वर के बहुत लोकप्रिय नाम हैं.
कैसे पहुंचें तिरुपति मंदिर?
तिरुपति देश के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जहां आप देश के किसी भी हिस्से से आ सकते हैं.
हवाई मार्ग द्वारा: रेनिगुंटा हवाई अड्डा, जिसे आधिकारिक तौर पर तिरुपति हवाई अड्डा के नाम से जाना जाता है, जो मंदिर से लगभग 15 किमी दूर है.
रेल मार्ग द्वारा: तिरुपति रेलवे स्टेशन देश के बड़े शहरों से जुड़ा है. इसके अलावा रेणिगुंटा जंक्शन भी एक प्रमुख स्टॉप है.
सड़क मार्ग द्वारा: आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के शहरों से नियमित बसें चलती हैं. तिरुपति से तिरुमाला की पहाड़ियों तक जाने के लिए सरकारी बसें और टैक्सी हर समय उपलब्ध रहती हैं.
दर्शन का समय और नियम
नए साल पर भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन (TTD) विशेष व्यवस्था करता है.
मंदिर खुलने का समय: आमतौर पर मंदिर सुबह 2:30 बजे सुप्रभातम सेवा के साथ खुलता है.
सर्व दर्शन (फ्री): इसमें दर्शन के लिए 18 से 24 घंटे (भीड़ अधिक होने पर 36-40 घंटे) तक का समय लग सकता है. इसके लिए SSD टोकन ऑफलाइन काउंटर्स से लिए जा सकते हैं.
लेकिन फिलहाल नए साल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए टीटीडी ने ऑफलाइन दर्शन टिकटों के वितरण पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है. टीटीडी ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे दर्शन की योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखें.
ड्रेस कोड : मंदिर में प्रवेश के लिए पुरुषों को धोती और कुर्ता या अंगवस्त्रम पहनना अनिवार्य है. महिलाओं के लिए साड़ी या दुपट्टे के साथ चूड़ीदार/सूट पहनना जरूरी है.
कपड़े कहां से लें? यदि आप गलती से कपड़े साथ नहीं ले गए हैं, तो तिरुमाला पहाड़ी पर और तिरुपति शहर में कई दुकानें हैं जहां से आप धोती या दुपट्टा खरीद सकते हैं.
VIP दर्शन की क्या है व्यवस्था?
नए साल जैसे विशेष मौकों पर भारी भीड़ को देखते हुए VIP दर्शन के नियमों में बदलाव हो सकता है.
Special Entry Darshan:
इसे कम से कम 2-3 महीने पहले TTD की आधिकारिक वेबसाइट (ttdevasthanams.ap.gov.in) से बुक करना होता है. इसमें दर्शन के लिए 2-5 घंटे लगते हैं.
वैकुंठ द्वार दर्शन: नए साल के दौरान (दिसंबर के अंत से जनवरी के पहले सप्ताह तक) वैकुंठ द्वार खोले जाते हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है. इसके लिए स्लॉट पहले से बुक करने होते हैं.



