Vedant Samachar

PNB में 2 हजार करोड़ का लोन फ्रॉड: बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार में हड़कंप

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नई दिल्ली,27दिसंबर । देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने 2,434 करोड़ रुपये के बड़े लोन फ्रॉड का खुलासा किया है। बैंक की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के बाद बैंकिंग सेक्टर और शेयर बाजार में हलचल मच गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी इस पर संज्ञान लिया है।

इस फ्रॉड के केंद्र में SREI ग्रुप की दो कंपनियां—SREI इक्विपमेंट फाइनेंस (SEFL) और SREI इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस (SIFL) हैं। PNB के मुताबिक दोनों आपस में जुड़ी कंपनियों ने बैंक से लिए गए कर्ज का जानबूझकर भुगतान नहीं किया और धोखाधड़ी की। आंकड़ों के अनुसार SEFL पर 1,241 करोड़ और SIFL पर 1,193 करोड़ रुपये का फ्रॉड दर्ज किया गया है।

शेयर बाजार में दिखा असर
खुलासे के बाद 26 दिसंबर को PNB के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बैंक का शेयर 0.56 प्रतिशत गिरकर 120.25 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों में चिंता है कि इतने बड़े फ्रॉड का बैंक की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ेगा। हालांकि, PNB ने स्पष्ट किया है कि इस राशि के लिए पहले ही प्रावधान (प्रोविजनिंग) कर ली गई है, जिससे बैलेंस शीट पर सीधा असर सीमित रहेगा।

NCLT में चल रही कार्रवाई
बैंक ने सेबी को दी गई सूचना में बताया है कि दोनों आरोपी कंपनियां फिलहाल नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही हैं। बैंक अब कानूनी रास्ते से संपत्तियों की बिक्री कर अपनी राशि की वसूली की कोशिश कर रहा है। पूरे मामले की रिपोर्ट RBI को भी सौंप दी गई है।

बैंकिंग सिस्टम पर फिर उठे सवाल
PNB इससे पहले भी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे बड़े घोटालों के चलते सुर्खियों में रह चुका है। एक बार फिर हजारों करोड़ के फ्रॉड ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की लोन स्वीकृति और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आगे की राह
फिलहाल बैंक रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में जुटा है। RBI और SEBI दोनों ही मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में बैंक की आंतरिक ऑडिट व्यवस्था की भी गहन जांच हो सकती है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।

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