Vedant Samachar

बच्चों में मोबाइल की लत को कैसे छुड़ाएं?

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आज के समय में मोबाइल का इस्तेमाल हर जगह आम हो गया है. बच्चे इसे स्कूल, घर और खेल-कूद के बीच आसानी से इस्तेमाल कर लेते हैं. माता-पिता अक्सर नोटिस करते हैं कि उनके बच्चे घंटों मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं और उससे अलग होने पर बेचैनी, चिड़चिड़ापन या तनाव दिखाते हैं. यह आदत धीरे-धीरे लत में बदल सकती है और बच्चे की दिनचर्या, पढ़ाई, खेल-कूद और सामाजिक एक्टिविटी पर बुरा असर डाल सकती है. मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की ध्यान क्षमता, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डालता है.

ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि इस आदत को कैसे कंट्रोल किया जाए और बच्चों को संतुलित और स्वस्थ दिनचर्या की ओर कैसे प्रेरित किया जा सके. आइए जानते हैं.

कैसे छुड़ाएं मोबाइल की आदत?
आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में डॉ. सुभाष गिरि बताते हैं कि मोबाइल की लत को दूर करने के लिए माता-पिता को सबसे पहले बच्चे के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए. बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल उनकी सेहत, पढ़ाई और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकता है. समय-सीमा तय करना, मोबाइल के लिए विशेष समय निर्धारित करना और अन्य मनोरंजक एक्टिविटी की ओर बच्चों को आकर्षित करना मददगार होता है.

परिवार के साथ खेल, बाहर घूमना, पढ़ाई और हॉबी के काम मोबाइल से ध्यान हटाने में मदद करते हैं. माता-पिता को खुद भी मोबाइल का सीमित उपयोग करना चाहिए ताकि बच्चे अच्छा उदाहरण देख सकें. धीरे-धीरे बच्चों को कम समय के लिए मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत डालें और जब वे नियम मानें तो उनकी तारीफ करें और उन्हें शाबाशी देकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें.

ज्यादा मोबाइल देखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
अत्यधिक मोबाइल का इस्तेमाल बच्चों में कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं पैदा कर सकता है. लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, जलन, धुंधला दिखना और सिरदर्द आम लक्षण हैं. इसके अलावा, बच्चों की नींद में कमी, चिड़चिड़ापन और फोकस करने की क्षमता में कमी भी देखने को मिलती है.

मानसिक रूप से बच्चे तनाव में रहने लगते हैं, चिड़चिड़े हो सकते हैं और लोगों से मिलना-जुलना या खेलना कम पसंद करने लगते हैं. इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और खेल-कूद पर पड़ता है. साथ ही, लगातार मोबाइल पर रहने से बच्चों का सामाजिक और भावनात्मक विकास भी प्रभावित हो सकता है.

ये भी जरूरी
मोबाइल का इस्तेमाल दिन में सीमित समय तक करें.

बच्चों को बाहर खेलने और शारीरिक एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें.

रात में सोने से पहले मोबाइल ना दें.

बच्चे के साथ समय बिताएं और उनसे खुलकर बातचीत करें.

मोबाइल इस्तेमाल के नियम स्पष्ट करें और उनका पालन करवाएं.

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