Vedant Samachar

IND vs PAK Final: वैभव सूर्यवंशी से एक बार बचा पाकिस्तान, फाइनल में पूरा होगा इंतकाम, टीम इंडिया भरेगी हुंकार

Vedant Samachar
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नई दिल्ली,21 दिसंबर : क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टक्कर देखकर भला कभी किसी का मन भर सकता है? फॉर्मेट कोई भी हो, टीमें कोई भी हो, लेवल कोई भी हो… जब भी ये दोनों टीम भिड़ती हैं तो उत्सुकता, उत्साह और रोमांच हमेशा चरम पर होता है. खास तौर पर जब मैदान पर वैभव सूर्यवंशी जैसा युवा और धमाकेदार बल्लेबाज उतरने वाला हो तो फिर इसको लेकर बेकरारी और बढ़ जाती है. बस यही बेकरारी, उत्साह और रोमांचक रविवार 21 दिसंबर को दुबई की आईसीसी एकेडमी में होने वाले मुकाबले में भी नजर आएगा, जब अंडर-19 एशिया कप 2025 की ट्रॉफी के लिए भारत-पाकिस्तान की टक्कर होगी.

इस पूरे टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें ही सबसे ज्यादा दबदबे से भरी नजर आई हैं. दोनों टीम ने ग्रुप स्टेज के मुकाबले आसानी से जीते. फिर सेमीफाइनल में भी बिना किसी परेशानी के जीत दर्ज की. भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 8 विकेट से हराया तो पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश को इतने ही अंतर से हराया. वहीं ग्रुप स्टेज में भारतीय टीम ने 300 रन के अंतर से मैच जीता तो पाकिस्तान ने भी ऐसी ही जीत दर्ज की थी.

फाइनल में भी बरकरार रहेगा ये फर्क?
इतने दमदार प्रदर्शन के बाद भी दोनों टीम में इस टूर्नामेंट में एक फर्क रहा और इसे ही आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम इंडिया रविवार के फाइनल में बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी. ये अंतर है आपस की टक्कर का. इस फाइनल से पहले भी भारतीय टीम का टूर्नामेंट में पाकिस्तान से सामना हो चुका था और वहां टीम इंडिया ने 90 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी. इस तरह टीम इंडिया अभी तक पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी है, जबकि पाकिस्तान को एक बार शिकस्त मिल चुकी है.

वैभव लेंगे पाकिस्तान से अपना इंतकाम?
उस मुकाबले में टीम इंडिया को जीत तो मिली थी लेकिन फैंस को एक बात की निराशा हुई थी. 14 साल के ओपनर वैभव सूर्यवंशी पिछली बार पाकिस्तान के खिलाफ उस मुकाबले में अपने विस्फोटक अंदाज में बैटिंग नहीं कर सके थे. उनके बल्ले से तब सिर्फ 5 रन निकले थे और वो सबसे पहले आउट हुए थे. मगर ये तो सब जानते हैं कि वैभव आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं और वापसी करने का मौका भी नहीं गंवाते. ऐसे में फाइनल में वो पिछली नाकामी का हिसाब बराबर करना चाहेंगे. वो पहले ही इस टूर्नामेंट में 235 रन बना कर भारत के दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज साबित हुए हैं. अब वो टीम को खिताब तक पहुंचाने के लिए बेकरार होंगे.

कब चलेंगे कप्तान आयुष म्हात्रे?
हालांकि अगर टीम इंडिया को 9वीं बार ये खिताब जीतना है तो सिर्फ वैभव ही नहीं, बल्कि बाकी खिलाड़ियों को भी अपना दम दिखाना होगा. खास तौर पर कप्तान आयुष म्हात्रे से बड़ी पारी की जरूरत है, जो अभी तक टूर्नामेंट में नाकाम ही रहे हैं. हालांकि, विहान मल्होत्रा ऐरन जॉर्ज और अभिज्ञान कुंडू जैसे बल्लेबाजों ने जरूर अलग-अलग वक्त पर टीम के लिए बड़ा योगदान दिया है. वहीं गेंदबाजी में कनिष्क चौहान का कमाल जारी है और अगर वो फाइनल में भी अपनी स्पिन का जादू बिखेरते हैं तो सफलता भारत की तय है.

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