Vedant Samachar

छत्तीसगढ़ : भैंसामुंडा जंगल में बाघ का शिकार, नाखून-दांत गायब, वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल

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सूरजपुर,15 दिसंबर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में वन्यजीव संरक्षण को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिले के भैंसामुंडा जंगल क्षेत्र में एक बाघ का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। आशंका जताई जा रही है कि बाघ का शिकार किया गया है, क्योंकि उसके शरीर से नाखून और दांत निकाल लिए गए हैं। घटनास्थल के पास से एक हथियार भी बरामद हुआ है, जिससे शिकार की पुष्टि और मजबूत होती नजर आ रही है।

मामले की जानकारी मिलते ही जिले के डीएफओ सहित आसपास के रेंज के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई। वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र की सघन तलाशी ले रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाघ का शिकार किन परिस्थितियों में किया गया। हालांकि, वन विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले पर फिलहाल कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।

इस तरह खुलेआम बाघ के शिकार की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह बाघ लंबे समय से इसी इलाके में विचरण कर रहा था और इसकी मौजूदगी की जानकारी शिकारियों को पहले से थी। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले सूरजपुर वन मंडल के कुदरगढ़ रेंज में भी बाघ की गतिविधियां सामने आई थीं। बीते समय में बाघ ने दो गायों का शिकार किया था, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया था। वहीं, करीब दो साल पहले इसी रेंज में बाघ के हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो गई थी, जबकि ग्रामीणों के हमले में बाघ भी घायल हो गया था। उस समय वन विभाग द्वारा बाघ का रेस्क्यू किया गया था और उसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी।

ताजा मामले में जानकारी सामने आई है कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और कोरिया वनमंडल की सीमा पर मृत मिले बाघ के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग ने बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों से बातचीत में यह भी खुलासा हुआ कि बाघ 5 नवंबर से ही नदी किनारे मृत अवस्था में पड़ा था, लेकिन पहली नजर में वह सोया हुआ प्रतीत हो रहा था, जिससे किसी को तत्काल शक नहीं हुआ।

फिलहाल, बाघ के शिकार की इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वन विभाग की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं कि आखिर इस दुर्लभ वन्यजीव का शिकार किसने और कैसे किया, और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

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