Vedant Samachar

रजनी 2.0 के लिए खिंचे चले आए अनुपम खेर

Vedant Samachar
3 Min Read

मुंबई : अनुपम खेर सिर्फ़ एक बेहतरीन अभिनेता नहीं, बल्कि दोस्ती निभाने की मिसाल भी हैं। उनके लिए रिश्ते मौके नहीं देखते, जब बात अपने जिगरी यारों की हो, तो वे बिना बुलाए भी सबसे आगे खड़े नज़र आते हैं। यही वजह है कि हाल ही में मुंबई में रजनी 2.0 की सक्सेस प्रेस मीट में उनकी मौजूदगी ने माहौल को खास बना दिया।

खेर अपने पुराने दोस्त और निर्देशक करण राजदान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े दिखे—बिना किसी औपचारिकता के, पूरी गर्मजोशी के साथ। उन्होंने न सिर्फ़ शो की टीम का हौसला बढ़ाया, बल्कि रजनी 2.0 को “वैल्यू-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग की वापसी” बताया। खेर के शब्दों में, यह वही विरासत है जिसने कभी टेलीविज़न के ज़रिए देश की नैतिक और सामाजिक सोच को दिशा दी थी।

आज के दौर में जब कंटेंट अक्सर ट्रेंड्स के पीछे भागता है, खेर का मानना है कि रजनी 2.0 सच्चाई, साहस और ज़मीर को केंद्र में रखता है। उन्होंने कहा कि करण राजदान ने एक ऐसी हीरोइन को फिर से सामने लाने की हिम्मत की है जो बेख़ौफ़ होकर सवाल पूछती है और यही यकीन इस किरदार को जीवंत बनाता है।

डीडी नेशनल और वेव्स OTT के साथ शो की साझेदारी पर भी खेर ने ज़ोर दिया। उनके अनुसार, पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग में एक अलग ही पवित्रता होती है—जो रजनी को हर घर तक पहुँचाती है, ठीक वैसे ही जैसे दशकों पहले पहुँची थी। यही रजनी 2.0 की असली जीत है।

शो के क्रिएटर, राइटर और डायरेक्टर करण राजदान ने भावुक लेकिन स्पष्ट शब्दों में रजनी के उद्देश्य को रेखांकित किया। उनके लिए रजनी सिर्फ़ एक किरदार नहीं, बल्कि एक सोच है—अन्याय के आगे झुकने से इनकार करने वाली सोच। रजनी 2.0 में यह जज़्बा नए समय की चुनौतियों—डिजिटल स्कैम, हेल्थ एक्सप्लॉइटेशन और संस्थागत लापरवाही—से टकराता है।

प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी, IAS, ने भी सीरीज़ की सराहना करते हुए इसे DD नेशनल की जिम्मेदार कहानी कहने की परंपरा का सशक्त विस्तार बताया—जो समाज को जानकारी देता है, मज़बूत बनाता है और आगे बढ़ाता है।

वेव्स ओटीटी पर मुफ़्त स्ट्रीमिंग के साथ, रजनी की बेबाक आवाज़ अब पीढ़ियों और सीमाओं के पार गूंज रही है। यह शाम सिर्फ़ एक शो की सफलता का जश्न नहीं थी, बल्कि दोस्ती, भरोसे और उस योद्धा की वापसी का सम्मान भी जिसके लिए सच ही सबसे बड़ा हीरो है।

Share This Article