कोरबा,14 दिसंबर (वेदांत समाचार) । जिले के वार्ड क्रमांक 19 स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर परिसर, मुड़ापार में सामाजिक जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी, मातृ शक्ति एवं बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर स्वस्थ, सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण करना रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोरबा नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत रहीं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत अपराध, घरेलू हिंसा, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याओं को जन्म देती है, जिससे पूरे समाज को नुकसान उठाना पड़ता है।

महापौर श्रीमती राजपूत ने युवाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहकर अपने जीवन को सही दिशा दें। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और यदि युवा वर्ग नशे की चपेट में आ गया, तो इसका सीधा प्रभाव समाज और राष्ट्र की प्रगति पर पड़ेगा। उन्होंने लोगों से नशे के विरुद्ध केवल संकल्प लेने तक सीमित न रहकर, अपने जीवन में उसे पूरी निष्ठा से लागू करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी, मातृ शक्ति एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि नशा व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को धीरे-धीरे समाप्त कर देता है। साथ ही यह सामाजिक अपराधों को भी बढ़ावा देता है। कार्यकर्ताओं ने नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करेंगे। आयोजकों ने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि कोरबा जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।



