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छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न…

रायपुर,29नवंबर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग द्वारा कल को महंत सर्वेश्वर दास सभागार, घड़ी चौक रायपुर में छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ी भाषा क्यों जरूरी है” विषय पर गंभीर व विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित रहे। सम्माननीय अतिथि के रूप में रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, धरसीवा विधायक अनुज शर्मा तथा संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव मंचासीन रहे। उनकी गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

चर्चा गोष्ठी के प्रथम सत्र “पुरखा के सुरता” में वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर वैष्णव (रायपुर) और चंद्रशेखर शर्मा (धमतरी) ने स्वर्गीय सुरजीत नवदीप के जीवन व योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
द्वितीय सत्र में स्वर्गीय केदार कश्यप के जीवन पर प्रतिष्ठा सिंह (मुंगेली) और आर. एन. राजपूत (बिलासपुर) ने अपने वक्तव्य रखे।

राज्यस्तरीय इस भव्य आयोजन में कोरबा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए वरिष्ठ गीतकार, ग़ज़लकार, नाट्य निर्देशक एवं रंगकर्मी घनश्याम श्रीवास ने छत्तीसगढ़ी भाषा पर आधारित अपनी रचना “छत्तीसगढी भाखा जी संगी, सबे के हिरदे मा समावत हे” का प्रभावशाली वाचन किया। उनकी प्रस्तुति से सभागार में उपस्थित सभी साहित्यकार मंत्रमुग्ध हो उठे और करतल ध्वनि से सराहना की।

घनश्याम श्रीवास छत्तीसगढ़िया संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन हेतु पिछले 40 वर्षों से निरंतर कार्यरत हैं। उनके योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं, जो कोरबा जिले व समूचे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। वे छत्तीसगढ़ महतारी संस्कृति संवर्धन सेवा समिति के सांस्कृतिक सचिव भी हैं।

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