The post कुवैत के बिजली संयंत्र पर ईरानी हमला, भारतीय कर्मचारी की मौत,सेवा भवन को भारी नुकसान, आपात दल सक्रिय; बिजली-पानी सेवाएं सामान्य रखने का दावा appeared first on Vedant Samachar.
]]>मंत्रालय की प्रवक्ता इंजीनियर फातिमा अब्बास जौहर हयात ने बताया कि रविवार, 29 मार्च 2026 की शाम को हुए इस हमले में सेवा भवन को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमला ईरान की ओर से किया गया बताया जा रहा है। हालांकि, मृतक भारतीय कर्मचारी की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
घटना के तुरंत बाद आपातकालीन सुरक्षा दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में मृतक के प्रति शोक व्यक्त किया और नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
कुवैत सरकार ने आश्वासन दिया है कि बिजली और पानी की आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है। तकनीकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अबू धाबी में एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट किए जाने के बाद गिरे मलबे से तीन स्थानों पर आग लग गई थी, जिसमें छह लोग घायल हुए थे। घायलों में पांच भारतीय नागरिक शामिल थे।
The post कुवैत के बिजली संयंत्र पर ईरानी हमला, भारतीय कर्मचारी की मौत,सेवा भवन को भारी नुकसान, आपात दल सक्रिय; बिजली-पानी सेवाएं सामान्य रखने का दावा appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post अमेरिका ने ईरान में 11 हजार से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया appeared first on Vedant Samachar.
]]>सेंटकॉम ने दावा है कि अमरीकी वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने 11,000 से ज़्यादा उड़ानें भरी हैं। गौरतलब है कि अमेरिका और इज़रायल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमला करना शुरू किया था। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी हमला कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने इस सैन्य अभियान की शुरुआत को एक ‘पहले से किया गया हमला’ बताया और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से कथित खतरों का हवाला दिया।
The post अमेरिका ने ईरान में 11 हजार से ज़्यादा सैन्य ठिकानों पर हमला किया appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post 3500 US सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे, ईरानी मीडिया ने लिखा – ‘ नरक में स्वागत है, अब ताबूत में वापस जाओगे’ appeared first on Vedant Samachar.
]]>दूसरी ओर 3,500 एक्स्ट्रा अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ये सैनिक USS त्रिपोली जहाज के जरिए वहां पहुंचे हैं।
ये सैनिक और नाविक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं।
पाकिस्तान में कल 3 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक
पाकिस्तान में कल तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक होगी। यहां वे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात करेंगे। इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक में मिडिल ईस्ट के हालात पर चर्चा होगी।
पाकिस्तान में क्यों हो रही मीटिंग…
पाकिस्तान के ईरान और सऊदी अरब दोनों से बेहतर रिश्ते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसलिए पाकिस्तान को विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए बेहतर जगह माना जा रहा है। यह मीटिंग पहले तुर्किये में होनी थी, लेकिन बाद में इसे पाकिस्तान शिफ्ट कर दिया गया।
पाकिस्तान इस समय किसी एक पक्ष में सीधे शामिल नहीं है, इसलिए उसे न्यूट्रल जगह माना जा रहा है। उसके ईरान और सऊदी अरब दोनों से अच्छे रिश्ते हैं, इसलिए बातचीत आसान है। तुर्किये और मिस्र जैसे देशों के साथ भी पाकिस्तान के संबंध ठीक हैं।
ईरान ने कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति के घर पर हुए ड्रोन हमले की निंदा की
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र के राष्ट्रपति नेचिरवन बारजानी के घर पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। यह हमला दुहोक शहर में हुआ।
प्रेस टीवी के मुताबिक, IRGC ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। उसने इसे हत्या की कोशिश बताया है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
ईरान का दावा- MQ-9 ड्रोन और F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया
ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, शनिवार को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजराइल और अन्य जगहों पर कई ठिकानों को निशाना बनाया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि IRGC ने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर इजराइल से जुड़े कई ठिकानों पर हमला किया। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया।
वहीं, ईरानी सेना ने हाइफा शहर में स्थित इजराइली रक्षा तकनीक कंपनी एल्टा के इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और रडार सेंटर को निशाना बनाया। इसके अलावा, डेविड बेन गुरियन एयरपोर्ट पर बने फ्यूल स्टोरेज सेंटर पर भी हमला किया गया।
ईरान का दावा- दुबई में अमेरिकी सेना के दो ठिकानों पर हमला किया
ईरान ने दावा किया है कि उसने दुबई में अमेरिकी सेना के दो छिपे ठिकानों पर हमला किया है। ईरानी सरकारी मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हजरत खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि पहले हुए हमलों के बाद अमेरिकी सैनिक इन जगहों पर शिफ्ट हुए थे।
प्रवक्ता के अनुसार, इन दोनों जगहों पर 500 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। एक जगह पर करीब 400 और दूसरे पर करीब 100 सैनिक। उन्होंने दावा किया कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इन ठिकानों की पहचान कर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे भारी नुकसान हुआ।
प्रवक्ता ने आगे चेतावनी दी कि यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रिस्तान बन सकता है और आखिर में अमेरिकी नेतृत्व को पीछे हटना पड़ेगा।
इजराइल ने ईरानी मिसाइल को हवा में ही रोका
इजराइली मीडिया के मुताबिक, सेना ने ईरान से दागी गई एक मिसाइल को बीच रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया।
इस हमले के दौरान दक्षिणी इजराइल के नेगेव और डेड सी इलाके में सायरन बजने लगे, जिससे लोगों को हमले की चेतावनी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल हमले के बाद तुरंत सुरक्षा सिस्टम सक्रिय हो गया और सेना ने उसे हवा में ही मार गिराया। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरानी राष्ट्रपति खाड़ी देशों से बोले- अमेरिका और इजराइल का साथ न दें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान ने शनिवार को खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि वे अमेरिका और इजराइल का किसी भी सैन्य कार्रवाई में साथ न दें। उन्होंने कहा कि अगर ये देश क्षेत्र में स्थिरता और विकास चाहते हैं, तो अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें।
उन्होंने कहा, “हम कई बार कह चुके हैं कि ईरान पहले हमला नहीं करता, लेकिन अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक केंद्रों पर हमला हुआ, तो हम जोरदार जवाब देंगे।”
उन्होंने क्षेत्र के देशों से कहा, “अगर आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध चलाने की इजाजत न दें।”
ईरानी मीडिया ने अमेरिकी सैनिकों को वापस लौटने की चेतावनी दी
ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने शनिवार को अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा तो ताबूत में वापस लौटेंगे। अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर “Welcome To Hell” (नरक में आपका स्वागत है) जैसी हेडलाइन के साथ यह संदेश दिया।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने 3500 एक्स्ट्रा सैनिक मिडिल ईस्ट में भेजे हैं।
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को कई ड्रोन हमले किए गए, जिससे एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि इन हमलों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले बुधवार को भी एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके बाद फ्यूल टैंकों में आग लग गई थी। कुवैत की फायर ब्रिगेड ने बताया कि करीब 58 घंटे तक लगातार चले ऑपरेशन के बाद इस आग पर काबू पा लिया गया।
इजराइली हमले में लेबनान में 3 पत्रकारों की मौत
लेबनान में शनिवार को इजराइल के हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई। ये पत्रकार इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष की रिपोर्टिंग कर रहे थे।
हिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी ने बताया कि उसके वरिष्ठ संवाददाता अली शुऐब इस हमले में मारे गए। इजराइली सेना ने कहा कि उसने शुऐब को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि वह हिजबुल्लाह के खुफिया ऑपरेटिव थे, हालांकि इसके लिए कोई सबूत नहीं दिया गया। अली शुएइब एक प्रसिद्ध युद्ध संवाददाता थे और करीब 30 साल से दक्षिणी लेबनान से रिपोर्टिंग कर रहे थे। वहीं, बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी ने बताया कि रिपोर्टर फातिमा फतौनी और उनके भाई मोहम्मद, जो वीडियो पत्रकार थे, भी इसी हमले में मारे गए। हमले से ठीक पहले फातिमा लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं। हिजबुल्लाह के अल मनार टीवी के संवाददाता अली शुऐब रिपोर्टिंग के दौरान मारे गए।
अल मायादीन के पत्रकार जमाल अल-घराबी ने 28 मार्च को दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले में मारे गए।
इजराइल में जंग के खिलाफ प्रदर्शन
इजराइल के तेल अवीव में लोग जंग का विरोध कर रहे हैं। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर लोगों पर लाठीचार्ज किया।
ईरान के रिहायशी इलाके पर इजराइली हमला, 12 घायल
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, इजराइल के हमलों ने राजधानी तेहरान के उत्तरी हिस्से और शहर के पश्चिमी हिस्से के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमलों में 12 लोग जख्मी हुए हैं।
ईरान जंग के बीच इजराइल ने गाजा में हमला किया, 6 मौतें
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच इजराइल गाजा और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर हमले जारी रखे हुए है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, दक्षिणी खान यूनिस में दो पुलिस चौकियों पर इजराइली हवाई हमलों में 6 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। मरने वालों में एक बच्ची भी शामिल है।
The post 3500 US सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंचे, ईरानी मीडिया ने लिखा – ‘ नरक में स्वागत है, अब ताबूत में वापस जाओगे’ appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो से की मुलाकात appeared first on Vedant Samachar.
]]>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जी7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ इस बैठक में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरे हो जाएंगे। हालांकि, ये बात अमेरिकी सरकार ने पहले भी कही है।
रुबियो ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। उन्होंने कहा, हम ईरान की नौसेना को नष्ट करेंगे, उनकी वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे। उन्होंने जोड़ा कि इस अभियान का उद्देश्य मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को काफी कम करना है, ताकि ईरान इनके पीछे छिपकर परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने में सक्षम न रहे।
रुबियो ने कहा कि प्रगति लगातार हो रही है। हम इस ऑपरेशन में समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे हैं और उम्मीद है कि इसे उचित समय पर महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। प्रगति बहुत अच्छी है।
The post सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री जयशंकर और रुबियो से की मुलाकात appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post वेलफेयर फ्रॉड को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार ने बनाया टास्क फोर्स appeared first on Vedant Samachar.
]]>उन्होंने कहा कि इस कोशिश में पूरी सरकार का नजरिया शामिल होगा, जिसमें स्वास्थ्य, हाउसिंग, कृषि और वित्त के कामों को संभालने वाली एजेंसियों को एक साथ लाया जाएगा ताकि गड़बड़ियों की पहचान की जा सके और इंटेलिजेंस शेयर की जा सके। वेंस ने कहा, यह सिर्फ अमेरिकी लोगों के पैसे की चोरी नहीं है, यह उन जरूरी सेवाओं की भी चोरी है जिन पर अमेरिकी लोग भरोसा करते हैं।
उन्होंने मिनेसोटा में मेडिकेड से जुड़ी सेवाओं का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि धोखाधड़ी की गतिविधियों के कारण ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों और उनके परिवारों के लिए निर्धारित लाखों-करोड़ों डॉलर का फंड दूसरी जगह भेज दिया गया। बता दें, ऑटिज्म एक एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को सामाजिक बातचीत, सामान्य बातचीत और व्यवहार में चुनौतियां आती है।
उन्होंने कहा, ऐसे परिवार हैं जिन्हें इन सेवाओं की जरूरत है, जो इन्हें नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि लोग फ्रॉड स्कीम से अमीर हो रहे हैं। टास्क फोर्स को लीड कर रहे एक अधिकारी ने कहा कि फ्रॉड ने सरकारी प्रोग्राम्स पर लोगों का भरोसा खत्म कर दिया है और अगर इसे रोका नहीं गया तो इसके बड़े नतीजे होंगे।
अधिकारी ने कहा, स्कैम उस सामाजिक भरोसे को खत्म कर देता है जिस पर ये प्रोग्राम और हमारा पूरा देश निर्भर करता है। उन्होंने इस संकट को अस्तित्व का खतरा बताया और इससे निपटने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति बनाने का वादा किया। अधिकारी ने आगे कहा कि टास्क फोर्स अपराधियों पर मुकदमा चलाने और फेडरल बेनिफिट सिस्टम में जवाबदेही सुनिश्चित करने में न्यायिक विभाग की मदद करेगी।
व्हाइट हाउस के सीनियर सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि कई वेलफेयर प्रोग्राम लिमिटेड वेरिफिकेशन के साथ चलते हैं, जिससे गलत इस्तेमाल बढ़ता है।
The post वेलफेयर फ्रॉड को रोकने के लिए अमेरिकी सरकार ने बनाया टास्क फोर्स appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post 1 अप्रैल से रूस किसी भी देश को नहीं बेचेगा पेट्रोल, खाड़ी संकट लंबा खींचा तो रूक जाएगी दुनिया की रफ्तार ? appeared first on Vedant Samachar.
]]>रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने ऊर्जा मंत्रालय को निर्देश जारी करते हुए निर्यात प्रतिबंध का प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, यह निर्णय घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
अगर यह प्रतिबंध लंबे समय तक जारी रहता है और मध्य पूर्व का संकट गहराता है, तो वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इससे यूरोप और भारत जैसे एशिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय संकट बना वजह
रूसी सरकार के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के बाजार में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी ऊर्जा संसाधनों की मांग बनी हुई है।
घरेलू आपूर्ति पर फोकस
पिछले वर्ष रूस और उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी की स्थिति सामने आई थी। यूक्रेन द्वारा रिफाइनरियों पर हमलों और घरेलू मांग में अचानक वृद्धि के चलते आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए सरकार इस बार पहले से सतर्क नजर आ रही है।
निर्यात रोकने के पीछे रणनीति आंकड़ों के अनुसार, रूस ने पिछले साल करीब 50 लाख मीट्रिक टन पेट्रोल का निर्यात किया था, जो लगभग 1.17 लाख बैरल प्रतिदिन के बराबर है। इस बड़ी मात्रा को घरेलू बाजार में बनाए रखने से सरकार कीमतों पर नियंत्रण और आपूर्ति स्थिर रखने की कोशिश कर रही है।
The post 1 अप्रैल से रूस किसी भी देश को नहीं बेचेगा पेट्रोल, खाड़ी संकट लंबा खींचा तो रूक जाएगी दुनिया की रफ्तार ? appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post इजराइल ने किया ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला, यूरेनियम प्लांट को निशाना बनाया; ईरान बोला- ‘चुकानी होगी भारी कीमत’ appeared first on Vedant Samachar.
]]>ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि इन महालों में कोई हताहत नहीं हुआ और कंटैमिनेशन का कोई खतरा नहीं था. हमलों की खबर तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि युद्ध खत्म करने पर बातचीत अच्छी चल रही है और तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए और समय दिया गया है. ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है. स्टॉक मार्केट में गिरावट और युद्ध से होने वाले आर्थिक नुकसान के मिडिल ईस्ट से कहीं आगे तक फैलने के साथ, ट्रंप पर स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है, यह एक स्ट्रेटेजिक वॉटरवे है जिससे दुनिया का पांचवां तेल आमतौर पर भेजा जाता है। अमेरिका ने ईरान को सीज़फ़ायर के लिए 15-पॉइंट का प्रस्ताव दिया है जिसमें स्ट्रेट पर से कंट्रोल छोड़ना भी शामिल है, लेकिन साथ ही उसने इस इलाके में हज़ारों और सैनिकों को भेजने का आदेश दिया है.
ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान 6 अप्रैल तक स्ट्रेट को सभी ट्रैफिक के लिए फिर से नहीं खोलता है, तो वह ईरान के एनर्जी प्लांट को नष्ट करने का आदेश देंगे। उन्होंने गुरुवार को कहा कि संघर्ष खत्म करने पर बातचीत “बहुत अच्छी” चल रही है. ईरान का कहना है कि वह किसी भी बातचीत में शामिल नहीं है. इजरायल ने ईरान के हथियार प्रोडक्शन और लेबनानी राजधानी को निशाना बनाया. इजरायल में एयर रेड सायरन बज रहे थे और मिलिट्री ने कहा कि वह रोज़ाना ईरानी मिसाइलों को रोक रही है. डिफेंस मिनिस्टर इज़राइल कैट्ज़ ने कहा कि ईरान “इस वॉर क्राइम की भारी, बढ़ती कीमत चुकाएगा.” कैट्ज़ ने कहा, “वॉर्निंग के बावजूद, फायरिंग जारी है.” “और इसलिए ईरान में हमले बढ़ेंगे और उन और टारगेट और इलाकों तक फैलेंगे जो इजरायली नागरिकों के खिलाफ हथियार बनाने और चलाने में सरकार की मदद करते हैं.”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि इन हमलों के लिए इजराइल को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि खोंडाब हेवी वॉटर फैसिलिटी और अरदाकन येलोकैक प्रोडक्शन प्लांट पर भी हमले किए गए हैं, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण हैं।
The post इजराइल ने किया ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला, यूरेनियम प्लांट को निशाना बनाया; ईरान बोला- ‘चुकानी होगी भारी कीमत’ appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post पीएम मोदी के साथ मिलकर निपट लेंगे, ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप का संदेश, युद्ध रूकेगा..? appeared first on Vedant Samachar.
]]>भारत में अमेरिकी दूतावास की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के संदेश साझा करते हुए कहा गया, भारत के साथ हमारे पुराने संबंध और प्रगाढ़ता की ओर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं ऐसे दो व्यक्ति हैं जो कि किसी भी समस्या से निपट सकते हैं। इससे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। बता दें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बात हुई थी।
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी बातचीत
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई थी। प्रधानमंत्री ने कहा था… राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर बात की और उनके साथ पश्चिम एशिया को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। भारत जल्द से जल्द शांति स्थापित करने और युद्ध रोकने के पक्ष में है और दुनिया के लिए भी यही जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति और स्थिरता के लिए हम दोनों संपर्क में रहेंगे।
ईरान को 6 अप्रैल तक राहत
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए ईरान को दी गई समयसीमा छह अप्रैल तक बढ़ा दी है। राष्ट्रपति ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी को फिलहाल रोकेंगे।
इस बीच, अमेरिका के हजारों और सैनिक इस क्षेत्र के करीब पहुंच गए हैं वहीं इजराइल ने ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिज्बुल्ला से लड़ने के लिए दक्षिणी लेबनान में और सैनिक भेजे हैं तथा ईरान ने महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।
The post पीएम मोदी के साथ मिलकर निपट लेंगे, ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप का संदेश, युद्ध रूकेगा..? appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post ईरान ने भारत समेत पांच मित्र देशों को होर्मुज जलमार्ग से आने-जाने की दी अनुमति appeared first on Vedant Samachar.
]]>ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी के अनुसार, अराघची ने कहा, शत्रु को जलडमरूमध्य से गुजरने देने का कोई कारण नहीं है। हमने कुछ ऐसे देशों को गुजरने की अनुमति दी है, जिन्हें हम मित्र मानते हैं। हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को आने-जाने की अनुमति दी है।
साथ ही, उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं, उनसे जुड़े जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अराघची ने महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश ने दशकों बाद इस क्षेत्र में अपना अधिकार प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि जब ईरान ने शुरू में होर्मुज जलडमरूमध्य की आंशिक नाकाबंदी की घोषणा की थी तो कई पर्यवेक्षकों ने इसे एक दिखावा मानकर खारिज कर दिया था। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाद के घटनाक्रमों ने ईरान की अपनी स्थिति को लागू करने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा पारगमन मार्गों में से एक पर नियंत्रण स्थापित करने की क्षमता को रेखांकित किया है।
The post ईरान ने भारत समेत पांच मित्र देशों को होर्मुज जलमार्ग से आने-जाने की दी अनुमति appeared first on Vedant Samachar.
]]>The post भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज appeared first on Vedant Samachar.
]]>मामले को दोबारा खोलने के लिए आवेदन भंडारी फैसले के आधार पर दायर किया गया था, जो कि बचाव पक्ष के बिचौलिए संजय भंडारी के मामले में ब्रिटेन के एक हाई कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला है। उस मामले में भंडारी ने तर्क दिया था कि अगर उन्हें भारत प्रत्यर्पित किया जाता है तो उन्हें यातना का सामना करना पड़ सकता है, और अदालत ने मानवीय आधार पर उनके प्रत्यर्पण को अस्वीकार कर दिया था। इसी मिसाल का हवाला देते हुए नीरव मोदी ने तर्क दिया कि अगर उन्हें भारत वापस भेजा गया तो उन्हें भी यातना का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, सीबीआई के अधिकारियों ने कार्यवाही के दौरान इस दावे का खंडन करते हुए तर्क प्रस्तुत किए।
ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए पाया कि नीरव मोदी द्वारा दायर याचिका मामले को दोबारा खोलने के लिए आवश्यक असाधारण परिस्थितियों की कसौटी पर खरी नहीं उतरती। न्यायालय ने कहा कि प्रस्तुत आधार पर्याप्त नहीं थे और इसलिए पूर्व के फैसले पर पुनर्विचार करना उचित नहीं होगा। नीरव मोदी भारत में पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले के सिलसिले में वांछित है, जिसमें कथित तौर पर राज्य द्वारा संचालित ऋणदाता के नाम पर जारी की गई फर्जी गारंटी का उपयोग करके विदेशी ऋण प्राप्त करने का आरोप है।
The post भगोड़े कारोबारी नीरव मोदी की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका खारिज appeared first on Vedant Samachar.
]]>