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स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर 4 मेडिकल कॉलेज के निर्माण का निविदा निरस्त, सरकार की बची 544 करोड़, जानिए पूरा मामला…

रायपुर, 11 मार्च (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ सरकार ने गीदम, मनेंद्रगढ़, कवर्धा और जांजगीर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए जारी कंबाइंड निविदा को तत्काल निरस्त कर दिया है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि 1020 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई थी, लेकिन बोली दर 53.36% अधिक यानी लगभग 544 करोड़ ज्यादा थी.

सरकार के नियमों के अनुसार, निविदा दर में 10-15% तक की बढ़ोतरी स्वीकार्य होती है, लेकिन इस मामले में दर बहुत अधिक होने के कारण इसे रद्द करने का फैसला लिया गया.

राज्य सरकार ने चार नए मेडिकल कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए 1020.60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत तय की थी. हालांकि, टेंडर प्रक्रिया के दौरान 1565.20 करोड़ रुपये की सबसे कम बोली (L1) प्राप्त हुई, जो कि निर्धारित लागत से 544.60 करोड़ रुपये अधिक थी. यह वृद्धि 53.36% ज्यादा थी, जिसे समिति ने अव्यावहारिक माना.

छत्तीसगढ़ सरकार ने ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया के तहत निविदा मंगाई थी. पहले इसकी अंतिम तिथि 7 नवंबर 2024 थी, जिसे 16 दिसंबर 2024 तक बढ़ा दिया गया. टेंडर 19 दिसंबर 2024 को खोला गया और 27 दिसंबर 2024 को समीक्षा की गई. फिर, 6 जनवरी 2025 को योग्य कंपनियों की जांच और प्रेजेंटेशन हुआ. इसके बाद 16 जनवरी 2025 को फाइनल प्राइस बिड खोली गई थी.

बता दें कि चार नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण के लिए प्रति कॉलेज 306.23 करोड़ रुपये के हिसाब से कुल 1224.92 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी. इन सभी कॉलेज की बिल्डिंग बनाने के टेंडर को क्लब कर 1020 करोड़ का टेंडर निकाला. देश की दो कंपनियां ही टेंडर को क्वालिफाई कर पाई, जो वास्तविक रेट से 53 और 58 परसेंट अधिक रेट कोट किया.

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