सीने में अचानक उठा दर्द किसी को भी डरा सकता है। ज्यादातर लोग इसे सीधे हार्ट अटैक से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, दिल की बीमारियों के प्रति यह सतर्कता जरूरी है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि सीने में होने वाला हर दर्द दिल का ही नहीं होता। कई बार इसके पीछे आपके फेफड़े या बिगड़ा हुआ पाचन तंत्र भी जिम्मेदार हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द के कारणों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है, चाहे वह दिल से जुड़ा हो या फेफड़ों से। आइए जानते हैं कि इन अलग-अलग कारणों को कैसे पहचाना जाए।
दिल का दर्द (Cardiac Pain): भारीपन और दबाव
डॉक्टरों के अनुसार, दिल से जुड़े दर्द के लक्षण काफी विशिष्ट होते हैं:
सीने के बीचों-बीच भारीपन, जकड़न या असहनीय दबाव।
यह दर्द अक्सर गर्दन, जबड़े, बाएं हाथ या पीठ तक फैलता है।
पसीना आना, जी मिचलाना (Nausea), और सांस फूलना।
शारीरिक मेहनत करने पर यह दर्द बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी मदद लें।
- फेफड़ों का दर्द (Lung Related Pain): चुभन और सांस लेने में दिक्कत
अगर दर्द फेफड़ों की वजह से है, तो इसके लक्षण दिल के दर्द से थोड़े अलग होते हैं:
यह दर्द अक्सर तेज और सुई की चुभन जैसा होता है।
गहरी सांस लेने, खांसने या शरीर को हिलाने-डुलने पर दर्द बढ़ जाता है।
पल्मोनरी एम्बोलिज्म (खून का थक्का), निमोनिया, या फेफड़ों की परत में सूजन (Pleurisy)। बुखार और लगातार खांसी इसके अन्य संकेत हो सकते हैं।
- पेट और पाचन की समस्याएं (Gastric Issues): जलन और एसिडिटी
हैरानी की बात यह है कि पाचन की गड़बड़ी भी बिल्कुल हार्ट अटैक जैसा दर्द पैदा कर सकती है:
खाना खाने के बाद या लेटने पर सीने में तेज जलन होना।
भोजन नली में अचानक ऐंठन से सीने में तेज दर्द उठना।
पेट में ज्यादा एसिड बनने से सीने में दबाव महसूस हो सकता है।
अन्य सामान्य कारण
कई बार मांसपेशियों में खिंचाव, पसलियों की चोट या बहुत अधिक तनाव (Anxiety) की वजह से भी सीने में दर्द हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर एक ही जगह पर केंद्रित रहता है।
कई बीमारियों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, इसलिए सीने के दर्द को कभी भी घर पर डायग्नोस करने की कोशिश न करें। सही समय पर डॉक्टर से जांच और ECG जैसे टेस्ट करवाना ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
