0.जांच में लापरवाही उजागर, आयोग ने बताया—मानवीय त्रुटि, तत्काल सुधार किया गया
केरल में चुनाव आयोग के एक आधिकारिक दस्तावेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर पाए जाने के बाद उत्पन्न विवाद के मामले में आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रत्न यू. केलकर ने इस प्रकरण में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी और एक अनुभाग अधिकारी को उनके चुनाव संबंधी दायित्वों से हटाते हुए मूल विभागों में वापस भेज दिया है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान में बताया गया कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से इसकी जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से मुक्त कर दिया गया।
गौरतलब है कि यह विवाद उस समय सामने आया, जब केरल में राजनीतिक दलों को भेजे गए एक हलफनामे में चुनाव आयोग की आधिकारिक मुहर के स्थान पर भाजपा की मुहर लगी हुई पाई गई। इस घटना को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने प्रमुखता से उठाते हुए सोशल मीडिया पर दस्तावेज साझा किया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
सीपीआईएम ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं और यह संदेह पैदा होता है कि कहीं किसी राजनीतिक दल का प्रभाव आयोग पर तो नहीं है। विपक्ष द्वारा पहले से लगाए जा रहे आरोपों के बीच यह घटना आयोग के लिए असहज स्थिति बन गई।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अपनी सफाई में कहा है कि यह पूरी तरह से मानवीय त्रुटि का मामला है और इसे तत्काल सुधार लिया गया है। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

