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आज से विधानसभा का बजट सत्र, राज्यपाल अभिभाषण देंगे, OP चौधरी पेश करेंगे आर्थिक सर्वेक्षण; शर्तों के साथ सदन में रहेंगे लखमा

रायपुर,23फरवरी (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र आज (23 फरवरी) से शुरू हो रहा है। 20 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र की शुरुआत सुबह 11:05 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट कल यानी 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। इस बार के सत्र की खास बात यह है कि शराब घोटाले मामले में जेल में रहे पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी सदन में नजर आएंगे।

उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उन्हें कुछ सख्त शर्तों के साथ बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया था कि 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का आय-व्ययक (बजट) पेश करेंगे। बजट पेश होने के बाद 26 और 27 फरवरी को सामान्य चर्चा होगी। इसके बाद 9 से 17 मार्च तक विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा निर्धारित है। 17 मार्च को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा और 18 मार्च को उस पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बजट सत्र को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि केवल 15 बैठकों का प्रस्तावित बजट सत्र चर्चा के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने पूछा जल्दबाजी किस बात की है? क्या सरकार के पास कहने के लिए कुछ बचा नहीं है। इसलिए सब कुछ एक साथ निपटाया जा रहा है? शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा करीब एक साल तक जेल में रहे। इस दौरान वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सके। अब उच्च न्यायालय की ओर से 3 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत दी गई है।

इसके बाद विधानसभा की ओर से 7 फरवरी को उनका अभिमत मांगा गया और 2026 में उन्होंने अपनी सहमति व्यक्त की। अब उन्हें तय शर्तों के आधार पर सत्र में शामिल होने की अनुमति दी गई है। विधानसभा की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कवासी लखमा को जब भी सदन में आना या जाना होगा, इसकी जानकारी पहले से विधानसभा सचिव को देनी होगी। उनकी आवाजाही पर नजर रहेगी और पूरा कार्यक्रम औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा।

उन्हें अपने निवास क्षेत्र का दौरा करने की अनुमति नहीं होगी। यानी वे सत्र के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या क्षेत्रीय कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनकी मौजूदगी केवल विधानसभा परिसर और सत्र की कार्यवाही तक सीमित रहेगी। सबसे महत्वपूर्ण शर्त ‘नो स्पीच’ से जुड़ी है। उन्हें अपने ऊपर चल रहे मामले के संबंध में किसी भी प्रकार का बयान देने या चर्चा करने की अनुमति नहीं होगी।

वे बजट या अन्य सामान्य विषयों पर चर्चा में भाग ले सकते हैं, लेकिन अपने केस से जुड़े किसी भी मुद्दे पर न तो बोलेंगे और न ही टिप्पणी करेंगे। यदि उन्होंने इन शर्तों का उल्लंघन किया तो उनकी अनुमति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सदन में भी इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।

राज्यपाल के अभिभाषण से होगी शुरुआत

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सत्र की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि आज सुबह 11:05 बजे राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होगी। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा 25 फरवरी को की जाएगी। अभिभाषण का सीधा प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी से किया जाएगा।

दो अहम विधेयक भी सूची में

इस सत्र में दो महत्वपूर्ण विधेयक भी लाए जाने की सूचना है। छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 और छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक, 2026। इन विधेयकों को लेकर राजनीतिक बहस की संभावना जताई जा रही है।

सवालों और प्रस्तावों की भरमार

बजट सत्र के लिए अब तक 2813 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 1376 तारांकित प्रश्न शामिल हैं। इसके अलावा 61 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 139 के तहत 1 अविलंबनीय चर्चा, 13 अशासकीय संकल्प, शून्यकाल की 9 सूचनाएं और 112 याचिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। इससे साफ है कि सत्र के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर जवाब देना होगा।

आज से शुरू हुआ यह बजट सत्र वित्तीय दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही, राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। सरकार 2026-27 के बजट के जरिए अपनी प्राथमिकताओं को सामने रखेगी, वहीं विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। इसके साथ ही कवासी लखमा की सशर्त मौजूदगी भी सत्र के दौरान चर्चा का विषय बनी रहेगी। अगले एक महीने तक राज्य की राजनीति का केंद्र विधानसभा ही रहेगा।

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