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अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत की ओर बढ़ते ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा

वॉशिंगटन,04 फरवरी । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब खुले सैन्य टकराव के संकेत देने लगा है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने अरब सागर में अपने युद्धपोत की ओर बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यूएस नेवी के एक फाइटर जेट ने एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के पास आ रहे ईरानी ड्रोन को निशाना बनाया।

अमेरिकी सैन्य बयान में कहा गया कि यह ड्रोन ‘शाहिद-139’ मॉडल का था, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में तैनात अमेरिकी युद्धपोत की ओर बेहद आक्रामक तरीके से बढ़ रहा था। ड्रोन को चेतावनी दिए जाने और स्थिति को शांत करने के प्रयासों के बावजूद जब वह पीछे नहीं हटा, तब USS अब्राहम लिंकन पर तैनात F-35C फाइटर जेट ने उसे हवा में ही मार गिराया। उस समय अमेरिकी युद्धपोत ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 800 किलोमीटर दूर मौजूद था।

अमेरिकी सेना के मुताबिक, इस घटना के कुछ घंटों बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) द्वारा अमेरिकी झंडे वाले मर्चेंट शिप ‘स्टेना इम्परेटिव’ को भी परेशान किया गया। ईरानी बलों की दो नौकाओं और एक ‘मोहाजेर’ ड्रोन ने जहाज का पीछा किया और उस पर सवार होने की धमकी दी।

अमेरिका ने इन घटनाओं को ईरान की ओर से की गई उकसावे वाली कार्रवाई बताया है। सेंट्रल कमांड ने स्पष्ट किया कि ड्रोन गिराने की कार्रवाई में किसी अमेरिकी सैनिक या सैन्य उपकरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन इससे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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