[metaslider id="114975"] [metaslider id="114976"]

डीएमके की सरकार पूरे भारत में सबसे भ्रष्ट’, तमिलनाडु में गरजे अमित शाह…

पुडुकोट्टई ,05 जनवरी । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को डीएमके की अगुवाई वाली तमिलनाडु सरकार को पूरे भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया और विश्वास जताया कि इस वर्ष तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत होगी।

बीजेपी की एक विशाल रैली को यहां संबोधित करते हुए शाह ने 2024 से भाजपा-राजग की जीतों का ब्योरा दिया, जिसमें हरियाणा में लगातार तीसरी जीत भी शामिल है। शाह ने कहा कि अब तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की बारी है। सत्ताधारी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा कि क्या राज्य ‘भ्रष्ट मंत्रियों की फौज’ के साथ प्रगति कर सकता है?

शाह ने तमिलनाडु में परिवारवाद पर निशाना साधा

शाह ने सत्ताधारी DMK सरकार और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर भी तीखा हमला बोला और उन पर लोगों की भलाई के बजाय राजनीतिक उत्तराधिकार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। शाह ने कहा, “तमिलनाडु में परिवारवाद को खत्म करने का समय आ गया है।

पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन, और अब उदयनिधि, मुख्यमंत्री बनने का यह सपना सच नहीं होगा।” उन्होंने आगे दावा किया कि तमिलनाडु सरकार का ध्यान राज्य के सामने आने वाले गंभीर मुद्दों को सुलझाने के बजाय सिर्फ उदयनिधि स्टालिन को अगला मुख्यमंत्री बनाने पर है। अमित शाह ने सुरक्षा के मुद्दे पर, खासकर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया। शाह ने कहा, “तमिलनाडु में माताओं और बहनों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है।

” उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार की महिलाओं की सुरक्षा और आम कानून-व्यवस्था की स्थिति की अनदेखी करने के लिए आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन पर तमिलनाडु के नागरिकों की ज़रूरी ज़रूरतों पर ध्यान देने के बजाय परिवार के उत्तराधिकार के लिए अपनी राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

अमित शाह दो दिन के तमिलनाडु दौरे पर

अमित शाह रविवार को तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने उनका स्वागत किया।

पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक हवाई अड्डे पर जमा हुए और शाह के दौरे की शुरुआत पर अपना उत्साह दिखाया, जिसे राज्य में आने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अमित शाह ने बीजेपी पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बंद कमरे में बैठक की, जिसमें संगठनात्मक मामलों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

[metaslider id="133"]