जांजगीर-चांपा, 12 दिसंबर (वेदांत समाचार)। जांजगीर चांपा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की शासी एवं कार्यकारी समिति की बैठक कलेक्टर जन्मेजय महोबे की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण कार्यक्रम, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष रूप से चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की लगातार निगरानी करने, समय पर संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नवजात और बच्चे का समय पर टीकाकरण कराया जाए, टीकाकरण सत्रों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और अपूर्ण टीकाकरण वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें कवर किया जाए। चिरायु टीम की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग रिपोर्ट का भी विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत किया गया।
कलेक्टर महोबे ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान को जिले में व्यापक रूप से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, ताकि लोगों को घर-घर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। मोबाइल मेडिकल यूनिट की गतिविधियों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और समयबद्ध ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, वय वंदना कार्ड एवं अन्य जनकल्याण योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिविर आयोजित कर पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाएं तथा उपचार के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज का आभा कार्ड अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए।
कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्रों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, फाइलेरिया एवं डेंगू मरीजों की निगरानी, सघन कुष्ठ खोज अभियान को प्रभावी बनाने और मरीजों की काउंसिलिंग पर भी जोर दिया। इसके साथ ही हाइपरटेंशन, मधुमेह जैसी बीमारियों की अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कर नियमित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, सीएमएचओ डॉ. यू.के. मरकाम, सिविल सर्जन डॉ. एस.एस. कुजुर, डीपीएम उत्कर्ष तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



