रायपुर,11 दिसंबर । पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ ने 11 दिसंबर को सिविल लाइन्स स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में रायपुर जिले के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेश सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस महानिदेशक ने बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने, शाम के समय भीड़भाड़ व सूनसान इलाकों में पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने और अपराध नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए। अपराध डायजेस्ट की समीक्षा करते हुए अपराधों के संरक्षण, पर्यवेक्षण और निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।
कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देकर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही वीआईपी व कानून व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन आदि को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बेहतर समन्वय के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों को अत्यधिक गंभीरता से लेने, त्वरित एक्शन करने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। महिला संबंधी मामलों में 60 दिनों के भीतर चालान प्रस्तुत करने तथा साइबर अपराध के शिकार पीड़ितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने, वारंट-समंस की तामिली बढ़ाने, रात्रि गश्त को और मुस्तैद करने और धोखाधड़ी मामलों की विवेचना को बेहतर बनाने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधिकारियों को सीसीटीएनएस, नए ऐप और पोर्टल के अधिकतम उपयोग की सलाह दी गई ताकि कार्य प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं सरल हो सके।
वर्दीधारी पुलिस के प्रोफेशनल व्यवहार, बदलते परिवेश और नई तकनीकों के अनुरूप अपडेट रहते हुए नई पीढ़ी से तालमेल बनाकर काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बड़े औद्योगिक क्षेत्रों, घनी बस्तियों और आगजनी की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में आकस्मिक घटनाओं के लिए बेहतर रिस्पांस प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने हाल ही में वीवीआईपी और कानून-व्यवस्था ड्यूटी को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए रायपुर पुलिस की सराहना की।



