भारत को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Intel ने Tata Group के साथ करार किया है. इस समझौते के तहत भारत में ही सेमीकंडक्टर चिप निर्माण और असेंबल का काम शुरू होगा. दोनों कंपनियां भारत के तेजी से बढ़ते AI PC मार्केट पर भी फोकस करेंगी. इस कदम से Make in India को ही नहीं, बल्कि देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को भी मजबूत बढ़ावा मिलेगा.
भारत में चिप मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी गति
इस करार के तहत Intel और Tata भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण और असेंबलिंग को आगे बढ़ाएंगे. Tata Electronics के नए Fab और OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट्स में Intel के प्रोडक्ट्स का निर्माण और पैकेजिंग की जाएगी. भारत को अब तक चिप सप्लाई के लिए आयात पर निर्भर होना पड़ता था, ऐसे में यह समझौता उद्योग के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है.
Gujarat और Assam में लग रहा प्लांट
Tata Group ढोलेरा, गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट और असम में असेंबली और पैकेजिंग यूनिट बना रहा है, जिसकी कुल लागत लगभग ₹1.18 लाख करोड़ बताई गई है. इन विशाल प्रोजेक्ट्स से हजारों रोजगार भी पैदा होंगे और भारत वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा पाएगा.
AI PC मार्केट में तेजी, 2030 तक भारत टॉप-5 देशों में शामिल
Intel और Tata दोनों ने यह भी कहा कि भारत 2030 तक वैश्विक AI PC बाजार में टॉप-5 देशों में शामिल हो सकता है. Intel के AI compute reference designs और Tata Electronics की Manufacturing Services इस सेक्टर को मजबूत आधार देंगी. भारत में PC demand और AI adoption लगातार बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में बड़े अवसर पैदा होंगे.
CEO और Tata Chairman ने बताया भविष्य की दिशा
Intel Corporation के CEO Lip-Bu Tan ने कहा कि यह भारत में तेजी से बढ़ते AI adoption को सपोर्ट करने का महत्वपूर्ण अवसर है. Tata Sons के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यह गठबंधन भारत के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा और एडवांस सेमीकंडक्टर सॉल्यूशंस देने में मदद करेगा. दोनों कंपनियां साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर भारतीय तकनीक की पहचान बढ़ाने की दिशा में काम करेंगी.



