Vedant Samachar

इलेक्ट्रल पाउडर की ओवर डोज बन सकता है जहर

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कानपुर में इलेक्ट्रल पाउडर पीने के बाद चार साल के बच्चे की मौत हो गई. फॉरेंसिक विभाग ने पैकेट और बोतल को जांच के लिए भेजा है. इस मामले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इलेक्ट्रल सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकता. क्या किसी अन्य दवा की तरह इसकी ओवरडोज भी खतरनाक साबित होती है? एक्सपर्ट्स से इस बारे में जानते हैं.

जब भी किसी बच्चे या बड़े व्यक्ति को लूज मोशन या उल्टी आते हैं तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इस कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर इलेक्ट्रल पीने की सलाह देते हैं. इसमें सोडियम, पोटैशियम होता है. इसको दस्ट और उल्टी में पीने से शरीर में पानी की मात्रा ठीक होती है. हालांकि इस पाउडर को डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए.

क्या ओवरडोज बनती है मौत का कारण?
गाजियाबाद के जिला अस्पताल में मेडिसन विभाग में डॉ. संतराम यादव बताते हैं कि इलेक्ट्रल की ओवरडोज हो जाए तो शरीर में सोडियम और पौटेशियम का लेवल बिगड़ जाता है. जिससे हार्ट और किडनी को नुकसान हो सकता है. हालांकि ऐसा नहीं है कि हर मामले में ओवरडोज मौत का कारण बने, लेकिन इससे सेहत के गंभीर रूप से बिगड़ने का भी रिस्क रहता है.

डॉ. संतराम कहते हैं कि इलेक्ट्रल को कुछ लोग सामान्य ड्रिंक ही मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. यह भी एक दवा ही है और इसको निर्धारित डोज और जरूरत के हिसाब से ही लेना चाहिए. क्योंकि अगर इसको सामान्य रूप से पीना शुरू कर दें या ओवरडोज कर लेते हैं तो हार्ट पर भी नुकसान हो सकता है.

डॉ यादव कहते हैं कि कानपुर वाले मामले में अभी और जांच की जरूरत है. ये देखना होगा कि जो इलेक्ट्रल बच्चे ने पीया था कहीं उसमें किसी कंपोनेंट की मात्रा ज्यादा तो नहीं थी, ये भी देखना होगा कि बच्चे को पहले से ही कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या तो नहीं थी, ये सभी जांच के विषय हैं.

कब पीना चाहिए इलेक्ट्रल और क्या हो डोज?
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिल में पीडियाट्रिक विभाग में डॉ राकेश कुमार बताते हैं किइलेक्ट्रल पाउडर को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही पीना चाहिए. जब किसी को ज्यादा उल्टी या दस्त हो तो ही इसका सेवन करें. रोजाना बिना वजह इसको पीना सेहत को बिगाड़ सकता है. जहां तक डोज की बात है तो सभी के लिए डोज- अलग अलग होती हैं.

18 साल से अधिक उम्र वालों के लिए

1 लीटर साफ़ पानी में इलेक्ट्रल का 1 पाउच (21.80 ग्राम) मिलाएं. पूरे दिन इस घोल को कई बार पीएं टे घूंट पिएँ।

बच्चों के लिए (2 वर्ष से अधिक)

हल्का डिहाइड्रेशन: 1 पाउच को 500 मिलीलीटर पानी में मिलाएं. बच्चे को हर 5-10 मिनट में छोटे-छोटे घूंट पिलाएं. सुनिश्चित करें कि वे लगातार पानी पी रहे हैं.

2 साल से छोटे बच्चे

2 साल से छोटे बच्चो को अपने डॉक्टर की सलाह के हिसाब से ही इलेक्ट्रल पिलाएं और उसके मुताबिक ही डोज दें.

इन लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं पीना चाहिए इलेक्ट्रल
अगर किसी को किडनी की बीमारी है

अगर उल्टी और दस्त लगातार हो रहे हैं

अगर किसी भी दवा से एलर्जी है.

ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं

हाई बीपी के मरीज

इलेक्ट्रॉल पीने का सही तरीका क्या है
इलेक्ट्रल पाउडर की पूरी सामग्री को 1 लीटर पीने के पानी में घोलें

इसे तब तक हिलाएँ जब तक कि सभी कण घुल न जाएँय इस घोल का इस्तेमाल 24 घंटे के अंदर कर लें.

तैयार होने के 24 घंटे बाद तक इस्तेमाल न होने वाले घोल को फेंक दें.

घोल तैयार करने के लिए केवल पानी का इस्तेमाल करें, दूध, सूप, फलों के रस में इलेक्ट्रल पाउडर न मिलाएं

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