Vedant Samachar

ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड का बड़ा खुलासा: बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने 73 लाख की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो आरोपी गिरफ्तार

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बिलासपुर, 07 दिसंबर। बिलासपुर रेंज साइबर थाना ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश करते हुए बिहार के वैशाली जिले से दो अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पीएम समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज में 50 लाख रुपये का लोन दिलाने और 30 प्रतिशत छूट देने का झांसा देकर एक मेडिकल व्यवसायी से 73 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुके थे।

रेंज साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 718/2025 धारा 318(4), 111(4) बीएनएस एवं 66(डी) आईटी एक्ट के तहत दर्ज मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में की जा रही थी। जांच के दौरान साइबर टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।

मेडिकल व्यवसायी से 73 लाख की ठगी

प्रकरण सकरी थाना क्षेत्र से संबंधित है। प्रार्थी राजेश पांडे, निवासी नेचर सिटी, सकरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने खुद को श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस लिमिटेड, मुंबई का अधिकारी बताते हुए अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया और कम ब्याज पर 50 लाख रुपए का लोन दिलाने का झांसा दिया। 12 फरवरी 2024 से 29 सितंबर 2025 के बीच विभिन्न बहानों से उनसे कुल 73,23,291 रुपए ऑनलाइन ले लिए गए।

फर्जी सिम कार्ड व बैंक खातों का इस्तेमाल

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लंबे समय से फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग कर ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। साइबर टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खाता विवरण, KYC जानकारी और साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की लोकेशन बिहार के वैशाली जिले में चिन्हांकित की।

दो दिन तक तलाश, फिर हुई गिरफ्तार
तथ्यों की पुष्टि होने के बाद निरीक्षक रजनीश सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम बिहार रवाना की गई। वहां लगातार खोजबीन के बाद आरोपियों —

  • विकास कुमार उर्फ विक्रम सिंह (28 वर्ष)
  • अमन कुमार सिंह उर्फ पीयूष
    निवासी वार्ड 13, गढ़वाल कनौली, बिसुनपुरपारसी, थाना महुआ, जिला वैशाली (बिहार) — को पकड़ लिया गया।

पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे दिल्ली में किराए के मकान में रहकर अपने सहयोगियों के साथ फर्जी नामों से कॉल करते थे और लोगों को सरकारी योजनाओं के नाम पर झांसा देकर ठगी करते थे। ठगी की रकम वे फर्जी बैंक खातों में जमा कराकर निकाल लेते थे।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की गई रकम के उपयोग के संबंध में पूछताछ जारी है। साइबर थाना टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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