कोरबा, 07 दिसंबर (वेदांत समाचार)। जिले में ठंड का मौसम शुरू होते ही पिकनिक स्थलों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। सप्ताह के सातों दिन कोरबा और आसपास के सभी प्रमुख पिकनिक स्पॉट गुलजार नजर आ रहे हैं। प्राकृतिक खूबसूरती के बीच मौजूद कई खतरों के बावजूद, इन स्थलों में सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
देवपहरी इन दिनों सबसे ज्यादा भीड़ आकर्षित करने वाला स्थल बना हुआ है। यहां की चमकदार चट्टानें दूर से बेहद आकर्षक दिखती हैं, लेकिन यही चट्टानें अपनी नुकीली संरचना के कारण खतरनाक भी साबित हो सकती हैं। पानी की धार से वर्षों में तराशी गई ये चट्टानें कई जगह बेहद फिसलनभरी और धारदार हैं, जहां जरा सी लापरवाही दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है। अपनी सुंदरता के बावजूद, इस स्थल सहित कई अन्य पिकनिक स्पॉट्स में सुरक्षा प्रबंध बेहद कमजोर हैं।
ठंड के बढ़ते प्रभाव के साथ जिले में पर्यटन गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। झोराघाट, देवपहरी, सतरेंगा, केसला, रानी झरना, कॉफी प्वाइंट, गहनिया, नकिया वाटर प्वाइंट, व्यू प्वाइंट, टाइगर प्वाइंट, खेतार वाटर फॉल, रैनखोल वाटर फॉल, केंदई वाटर फॉल, चैतुरगढ़, बांगो डेम, गोल्डन आयलैंड सहित अनेक पिकनिक स्थल इन दिनों लोगों से पटे रहते हैं। लेकिन दूर-दराज स्थित इन जगहों पर शासन-प्रशासन द्वारा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती संभव नहीं हो पाती।
सर्दी का मौसम पिकनिक और सैर-सपाटे का मौसम माना जाता है। लोग परिवार और दोस्तों के साथ खुले वातावरण में भोजन बनाने, आग तापने और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों को कैमरे में कैद करने का आनंद लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन पलों को यादगार बनाए रखने के लिए सतर्कता बेहद आवश्यक है, क्योंकि थोड़ी सी असावधानी भी बड़ा हादसा बन सकती है।

ऐसे स्थानों पर बच्चों को अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को खतरनाक किनारों और गहरी जगहों के पास जाने से रोकें। कई पिकनिक स्पॉट्स पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेटिंग या प्राथमिक उपचार की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
प्रकृति की सुंदरता का आनंद लें—कलकल बहते झरनों की आवाज सुनें, रेत पर टहलें, चमकते पत्थरों को दूर से निहारें और गुनगुनी धूप का मजा लें—लेकिन खतरा मोल न लें। सुरक्षा और सतर्कता ही किसी भी यात्रा को सुखद और सुरक्षित बनाने की पहली शर्त है।
पर्यटन स्थलों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने की मांग भी की है।
