Vedant Samachar

RBI ने होम लोन पर दी बड़ी राहत, 50 लाख कर्ज पर अब कितनी होगी EMI

Vedant samachar
6 Min Read

आरबीआई ने होम लोन लेने वालों को लोन ईएमआई पर बड़ी राहत दी है. करीब 6 महीने के बाद आरबीआई की ओर से लोन ईएमआई में राहत दी गई है. भले ही ये राहत 25 बेसिस प्वाइंट की हो, लेकिन मौजूदा कैलेंडर ईयर में आरबीआई ने 1.25 फीसदी की ब्याज दरों में कटौती कर दी है. अगर कोई 8.50 फीसदी के होम लोन रेट के तहत 50 लाख रुपए के होम लोन पर हर महीने 43,391 रुपए ईएमआई कर रहा था. अब उसे हर महीने 788 रुपए ईएमआई पर कम चुकाने होंगे.

होम लोन पर लोन ईएमआई पर कितनी राहत मिलेगी? इसे उदाहरण से समझने की जरुरत है. इसके लिए टीवी9 डिजिटल ने एसबीआई के करंट होम लोन इंट्रस्ट रेट 8.5 फीसदी और होम लोन कैलकुलेटर का इस्तेमाल किया है. ताकि एक अनुमान से पता लगाया जा सके कि अगर कोई 20 साल के लिए 25 लाख, 50 लाख और 75 लाख रुपए का होम लोन लेता है तो उसे ईएमआई में कितनी राहत मिल सकती है.

25 लाख के होम लोन पर कितनी राहत
अगर किसी ने पहले 8.5 फीसदी के इंट्रस्ट रेट पर 20 साल के लिए 25 लाख रुपए का होम लोन लिया होगा, तो उस शख्स की होम लोन ईएमआई 21,696 रुपए रही होगी. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. ऐसे में होम लोन की संभावित दरें 8.25 फीसदी हो सकती हैं. ऐसे में होम लोन की ईएमआई घटकर 21,302 रुपए हो सकती हैं. इसका मतलब है कि होम लोन लेने वालों को हर महीने 394 रुपए कम चुकाने होंगे.

50 लाख ​के होम लोन पर कितना असर
अगर किसी ने पहले 8.5 फीसदी के इंट्रस्ट रेट पर 20 साल के लिए 50 लाख रुपए का होम लोन लिया होगा, तो उस शख्स की होम लोन ईएमआई 43,391 रुपए रही होगी. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. ऐसे में होम लोन की संभावित दरें 8.25 फीसदी हो सकती हैं. ऐसे में होम लोन की ईएमआई घटकर 42,603 रुपए हो सकती हैं. इसका मतलब है कि होम लोन लेने वालों को हर महीने 788 रुपए कम चुकाने होंगे.

75 लाख रुपए की लोन ईएमआई
अगर किसी ने पहले 8.5 फीसदी के इंट्रस्ट रेट पर 20 साल के लिए 75 लाख रुपए का होम लोन लिया होगा, तो उस शख्स की होम लोन ईएमआई 65,087 रुपए रही होगी. आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. ऐसे में होम लोन की संभावित दरें 8.25 फीसदी हो सकती हैं. ऐसे में होम लोन की ईएमआई घटकर 63,905 रुपए हो सकती हैं. इसका मतलब है कि होम लोन लेने वालों को हर महीने 1,182 रुपए कम चुकाने होंगे.

आरबीआई ने रेपो रेट में की कटौती
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वृहद आर्थिक स्थिति और वैश्विक परिस्थितियों पर गौर करते हुए प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया. मजबूत आर्थिक वृद्धि और महंगाई में नरमी के बीच आरबीआई ने नीतिगत दर में यह कटौती की है. इसके साथ ही आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा महंगाई दर के अनुमान को 2.6 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है.

इस साल 1.25 फीसदी की कटौती
इस तरह वर्ष 2025 में रेपो दर में अब तक कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है. इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से जून तक रेपो दर में कुल एक प्रतिशत की कटौती की थी. वहीं अगस्त और अक्टूबर में मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया था. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मौद्रिक नीति के रुख को तटस्थ बनाये रखा गया है. इसका मतलब है कि केंद्रीय बैंक आर्थिक स्थिति के हिसाब से नीतिगत दर में समायोजन को लेकर लचीला बना रहेगा.

महंगाई के अनुमान को किया कम
रेपो वह ब्याज दर है, जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिये केंद्रीय बैंक से कर्ज लेते हैं. रेपो दर में कटौती होने से आवास, वाहन समेत अन्य खुदरा कर्ज पर ब्याज में बदलाव की संभावना है. आरबीआई ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है. वहीं चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को घटाकर 2.0 प्रतिशत कर दिया गया जबकि पहले इसके 2.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था.

Share This Article