Vedant Samachar

थकान, कमजोरी और पेट में दर्द को न करें नजरअंदाज, हो सकती है लिवर की ये खतरनाक बीमारी

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अगर आपको अकसर थकान, कमजोरी, पेट में दर्द या फिर स्किन पर खुजली होती रहती है तो इसको हल्के में नहीं लेना चाहिए. ये लिवर की खतरनाक बीमारी हेपेटाइटिस बी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जो अगर कंट्रोल न हो तो लिवर को पूरी तरह से खराब भी कर सकती है. जो लोग ज्यादा शराब पीते हैं या नशीली दवाओं का सेवन करते हैं उनको भी हेपेटाइटिस का रिस्क ज्यादा होता है. ये बीमारी भी कई प्रकार की होती है. सबसे आम हेपेटाइटिस ए, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी हैं, लेकिन बी सबसे खतरनाक मानी जाती है.

हेपेटाइटिस बी के मामले में चिंता की बात यह है कि अगर आपने इसका सही समय पर इलाज नहीं कराया या लक्षणों की पहचान नहीं कर पाए तो ये धीरे धीरे लिवर को पूरी तरह भी खराब कर सकती है. सर गंगाराम अस्पताल के इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोलॉजी, लिवर एंड पैनक्रियाटिक बिलरी साइंस के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा बताते हैं कि बीते कुछ सालों में उनके पास आने वाले मरीजों में हेपेटाइटिस B के रोगियों की संख्या बढ़ी है. अधिकतर मामलों में मरीज देरी से इलाज के लिए आते हैं. कुछ केस ऐसे भी होते हैं जिनमें लिवर को डैमेज हो जाता है. मरीजों के देरी से आने का कारण यह भी होता है कि हेपेटाइटिस बी के शुरुआती लक्षण आसानी से पता नहीं चलते और जब समस्या ज्यादा बढ़ जाती है तब इसका पता चलता है.

बिना लक्षणों के फैलने लगती है ये बीमारी
डॉ अरोड़ा बताते हैं कि हेपेटाइटिस बी बिना लक्षण दिखे भी शरीर में फैलने लगता है. ये संक्रमित खून और बॉडी फ्लुइड्स के माध्यम से होती है. उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति को हेपेटाइटिस है और उसका खून दूसरे व्यक्ति को चढ़ाया गया तो इससे भी ये फैलता है. इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध औप संक्रमित मां से बच्चे में ये जाता है.

चिंता की बात यह है कि हेपेटाइटिस B एक साइलेंट इंफेक्शन है. शुरुआती स्टेज में 50 से 60 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखते हैं. जब तक मरीज को थकान, उलझन, पीलिया या पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं, तब तक वायरस काफी नुकसान कर चुका होता है. कुछ मामलों में तो ये जानलेवा भी हो सकता है.

हेपेटाइटिस B के इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉ अरोड़ा कहते हैं कि आमतौर पर लोग थकान, कमजोरी, पेट में दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर तीन या चार दिन से ज्यादा ये लक्षण बने हुए हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. क्योंकि अगर इस बीमारी के लक्षणों के दिखने पर सही समय पर इलाज हो गया तो ठीक, लेकिन अगर देरी हुई तो ये लिवर को पूरी तरह खराब भी कर सकती है. ऐसे मामलों में मरीज की जान बचाना एक चुनौती बन सकती है.

हेपेटाइटिस बी से बचाव कैसे करें
हेपेटाइटिस बी का टीका लें

असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं

लक्षण दिखने पर लापरवाही न करें

पेट दर्द को हल्के में न लें

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