Vedant Samachar

ग्राम डुंडेरा के किसानों ने अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान कराने जनदर्शन में लगाई गुहार

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राशन कार्ड अभिलेख में सुधार करने दिया आवेदन

दुर्ग,02 दिसंबर (वेदांत समाचार) । जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर हितेश पिस्दा एवं उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 105 आवेदन प्राप्त हुए।

इसी कड़ी में सुपेला भिलाई निवासी ने अपने बी.पी.एल. राशन कार्ड से पुत्र का नाम हटाने हेतु आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र का वर्ष 2024 को निधन हो गया है। आवेदिका ने राशन कार्ड अभिलेख में सुधार कर नाम विलोपित करने और कार्ड को पुनः संचालित करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

ग्राम डुन्डेरा के छह किसानों ने अपनी अधिग्रहित भूमि का मुआवजा राशि प्रदान करने आवेदन दिया। कृषकों नेे बताया कि ग्राम डुन्डेरा में उनकी निजी भूमि स्थित है, जिसके कुछ भाग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के बस स्टैण्ड उतई-डुगरडीह-डुन्डेरा-गोरिद-सोमनी मार्ग पर सड़क निर्माण हेतु भूमि को अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा आदेश जारी होने के बावजूद आज तक किसानों को राशि प्रदान नहीं की गई है। किसानों ने बताया कि भूमि अधिग्रहित हो चुकी है, लेकिन मुआवजा न मिलने से आर्थिक संकट पैदा हो गया है। इस पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा।

ग्राम बेलोदी पाटन निवासियों ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों का जाति प्रमाण पत्र नही बनने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि वे 10-12 पीढ़ियों से छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं, लेकिन गरीबी, अशिक्षा और पुराने दस्तावेज़ों के अभाव के कारण उनके बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। लोक सेवा केंद्र भी रिकॉर्ड की कमी के कारण फॉर्म स्वीकार नहीं कर रहे। पूर्व में ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाण पत्र बनते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद है। समुदाय ने ग्रामसभा रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र पुनः जारी करने की मांग की है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

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