Vedant Samachar

KORBA:मुआवजा और नौकरी के बिना न हो भू-अधिग्रहण : भूपेश बघेल

Vedant Samachar
2 Min Read

0.कोरबा प्रवास पर पूर्व मुख्यमंत्री ने एसईसीएल प्रबंधन को दी चेतावनी

कोरबा,26 सितम्बर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल शुक्रवार को कोरबा जिले के हरदी बाजार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उन ग्रामीणों से संवाद किया, जिनकी भूमि कोयला खदान विस्तार के लिए अधिग्रहित की जानी है। ग्रामीणों की समस्याएं और चिंताएं सुनने के बाद बघेल ने स्पष्ट कहा कि “जब तक प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और रोजगार की गारंटी नहीं दी जाती, तब तक किसी भी तरह का भूमि अधिग्रहण स्वीकार्य नहीं होगा।”

पूर्व विधायक बोधराम कंवर समेत सैकड़ों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने भूपेश बघेल को बताया कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन प्रभावित परिवारों को आज तक स्पष्ट तौर पर यह नहीं बताया गया कि उन्हें कितना मुआवजा मिलेगा और उनके परिजनों को नौकरी किस स्वरूप में दी जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि पीढ़ियों से उनकी जीविका खेती और जमीन पर आधारित है। यदि बिना उचित व्यवस्था के जमीन छीन ली गई तो उनके सामने रोज़गार और जीवनयापन का संकट खड़ा हो जाएगा।

भूपेश बघेल ने ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के बाद कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों और विस्थापितों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और एसईसीएल प्रबंधन को यह समझना होगा कि विकास की कीमत पर आम जनता का भविष्य दांव पर नहीं लगाया जा सकता। बघेल ने साफ कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों को लिखित में मुआवजा राशि और नौकरी की शर्तें नहीं दी जातीं, तब तक अधिग्रहण का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि कोयला उत्पादन देश की जरूरत है, लेकिन इसके नाम पर स्थानीय लोगों का हक़ मारा नहीं जा सकता। यदि प्रबंधन एकतरफा कार्रवाई करेगा तो व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान से ग्रामीणों में उत्साह देखा गया और उन्होंने बघेल को भरोसा दिलाया कि वे अपनी जमीन और अधिकार बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

Share This Article