Vedant Samachar

चप्पल-जूते पहनकर घर में सर्दियों के समय इन जगहों पर भूलकर भी न जाएं, आती हैं अशांति और बाधाएं!

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व्यक्ति के जीवन में वास्तु शास्त्र बहुत महत्वपूर्ण होता है. वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण से लेकर उसमें रहने के सभी नियम बताए गए हैं. वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन करते हुए घर में रहना चाहिए. क्योंकि छोटी सी भूल घर में वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं. कई बार व्यक्ति जाने अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठता है, जिसके कारण उसे हानि होती है.

कई बार व्यक्ति अज्ञानता वश घर में उन जगहों पर जूते-चप्पल पहनकर चला जाता है, जहां जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए. फिर उसे वास्तु से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि घर में किन-किन स्थानों पर जूता चप्पल पहनकर जाना वास्तु शास्त्र में वर्जित माना गया है.

घर में इन जगहों पर चप्पल-जूते पहनकर न जाएं


मंदिर में
हिंदू धर्म में मंदिर को भगवान का घर माना जाता है. मान्यता है कि यहां जूते-चप्पल पहनकर जाने से देवी-देवता रुष्ठ होते हैं. घर में आर्थिक हानि होनी शुरू हो जाती है. परिवार में कलह बढ़ जाती है, इसलिए घर के मंदिर में कभी भी चप्पल-जूते पहनकर नहीं जाना चाहिए.

रसोई में
घर में रसोई एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है. रसोई में भोजन बनता है, जिसे मां अन्नपूर्णा का रूप माना जाता है. ऐसे में रसोई में भी कभी भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए. ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं, जिससे घर में घर में आर्थिक तंगी आनी शुरू हो जाती है.

तिजोरी के पास
घर में जहां तिजोरी रखी हो वहांं भी चप्पल-जूते पहनकर नहीं जाना चाहिए. मान्यता है कि तिजोरी में माता लक्ष्मी का वास होता है. तिजोरी के पास चप्पल-जूते पहनकर जाना या चप्पल-जूते पहनकर उसे नहीं खोलना चाहिए. इससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं.

भंडार घर में
भंडार घर में चप्पल-जूते पहनकर नहीं जाना चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से घर में अन्न घटने लगता है, इसलिए भंडार घर में चप्पल-जूते पहनकर नहीं जाना चाहिए.

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