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आंगनबाड़ी और स्कूली बच्चों के लिए अपार आईडी बनाना है फायदेमंद

आंगनबाड़ी और स्कूली बच्चों के लिए अपार आईडी बनाना है फायदेमंद
  • कलेक्टर धर्मेश साहू ने अपार आईडी कार्य का समीक्षा किया

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 10 मार्च 2025 I कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को अपार आईडी, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र की समीक्षा बैठक स्कूल शिक्षा, राजस्व विभाग के अधिकारी, नोडल अधिकारी के साथ की। अपार आईडी बनाने के लिए कलेक्टर ने कहा कि ऐसे स्कूली बच्चे, जिनका अपार आईडी नहीं बना है, पर उनके बड़े भाई बहन का बना है तो उसका डेटा रखें। स्कूल के यूडाइस और संकूल के आधार पर डेटा रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्र में दाखिल बच्चों के अपार आईडी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाइजर को निर्देश दिए हैं। वार्षिक परीक्षा के साथ साथ अपार आईडी कार्य को भी प्राथमिकता से किया जाए। ऐसे शिक्षक यदि इस कार्य को नहीं करेंगे तो उनके विरुद्ध वेतन कटौती और वेतन वृद्धि रोकथाम की कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने छूटे बच्चों की सूची अधिकारियों से एक सप्ताह में देने के लिए निर्देशित किया ताकि उस क्षेत्र में शिविर कर अपार आईडी कार्य को पूर्ण किया जाए। इसी प्रकार निजी स्कूलों को भी उनके दाखिल बच्चों का अपार आईडी बनाने के लिए, निजी स्कूल संचालक से समन्वय करने के शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने निर्देशित किया। इसी प्रकार स्कूली बच्चों के आय और जाति प्रमाण पत्र की स्थिति की समीक्षा की गई और प्रमाण पत्र कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए।

अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट अकाउंट रजिस्ट्री) एक 12 अंकों का डिजिटल पहचान नंबर है। यह छात्रों के शैक्षिक रिकॉर्ड को एक जगह संग्रहित करता है। इसे भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लागू किया है।

अपार आईडी के फ़ायदे

यह छात्रों की शैक्षिक यात्रा को एक डिजिटल मंच पर सुरक्षित रखता है। यह छात्रों के शैक्षिक दस्तावेज़ों और उपलब्धियों का एक केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म देता है। यह छात्रों को स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक, और बाद में रोज़गार पाने तक उनके सभी रिकॉर्ड को एक ही जगह संग्रहित करने में मदद करता है। यह छात्रों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करता है।

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Vedant samachar