पांच साल पहले, गरीबी उन्मूलन लड़ाई में पूरी जीत हासिल करने के बाद भी चीन ने अपनी रफ़्तार धीमी नहीं की। चीन ने गरीबी उन्मूलन की कामयाबी को मज़बूत करने और ग्रामीण पुनरोद्धार को बढ़ाने के लिए पांच साल की संक्रमण अवधि तय की। अब, पांच साल की संक्रमण अवधि खत्म हो रही है और चीन ने शानदार उपलब्धियां प्राप्त की हैं जैसे- 60 लाख से ज़्यादा लोगों की स्थिर रोज़ी-रोटी की प्राप्ति व विकास की मदद की है, जो गरीबी में वापस जाने के खतरे में थे।
लगातार चार सालों से, चीन में गरीबी से जूझ रहे इलाकों में किसानों की राजस्व वृद्धि दर राष्ट्रीय ग्रामीण औसत स्तर से ज़्यादा रही है। चीन में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं में बड़े पैमाने पर सुधार किया गया है। चीन में गरीबी से जूझ रहे इलाकों की आर्थिक ताकत लगातार बढ़ रही है और उनके विकास की संभावना बढ़ रही है। फिर से गरीबी बढ़ने से रोकने की प्रक्रिया में चीन की उपलब्धियों ने न केवल बड़े पैमाने पर फिर से गरीबी के बढ़ने से रोका है, बल्कि ग्रामीण पुनरोद्धार के लिए एक ठोस नींव भी रखी है।
इन उपलब्धियों के पीछे लक्षित और सटीक रणनीतियां हैं। दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत की हुईज़े काउंटी के बाईवू गांव में, स्थानीय अधिकारी हर महीने किसानों से मिलकर उनके राजस्व में हुए बदलाव को रिकॉर्ड करते हैं। उन्होंने एक निगरानी तंत्र की स्थापना की, जो “जल्दी पता लगाना, लक्षित मदद और सतत् विकास” पक्का करता है। इस तंत्र को पूरे देश में बढ़ाया जाता है, जो ट्रिपल स्क्रीनिंग (किसानों के आवेदन, अधिकारियों के विज़िट और डेटा की तुलना) के ज़रिए सम्बंधित जोखिमों का जल्दी पता लगाने और उनका हल निकालने में मदद करता है।
दक्षिण-पश्चिम चीन के गुईचोउ प्रांत की छिंगहोंग काउंटी का छिंगशान गांव पहले मरुस्थलीकरण की वजह से बहुत ज़्यादा प्रभावित था। इस गांव ने सूखे से बचने वाला सिचुआन काली मिर्च उद्योग स्थापित किया। साथ ही, उन्होंने इन ग्रामीण परिवारों को रोपण प्रशिक्षण और बाजार समर्थन सटीक रूप से प्रदान किया, जो गरीबी में वापस जाने के खतरे में थे। इस तरीके से न सिर्फ़ पारिस्थितिक संसाधनों को रक्षा की गयी, बल्कि स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ी। इस सटीक रणनीति ने फिर से गरीबी बढ़ने से रोकने के काम को और असरदार बना दिया।
चीन में, औद्योगिक सहायता अब “रक्त आधान” से बदलकर “रक्त निर्माण” में बदल गई है। चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के जाशी छुडेन में तिब्बती ओपेरा प्रदर्शन से होमस्टे उद्योग को बढ़ाया गया है। 132 स्थानीय परिवारों में से 85 परिवारों ने होमस्टे खोले हैं, जिनकी प्रति व्यक्ति आय 6,700 युआन से बढ़कर 34,000 युआन हो गई। मध्य चीन के हेनान प्रांत की थांगसू काउंटी में शकरकंद से जुड़े उद्योगों को तेज़ी से विकसित किया जा रहा है। इस काउंटी में गरम और खट्टे चावल नूडल्स वार्षिक उत्पादन 72 करोड़ बाल्टी तक पहुंच गया है।
इससे गरीबी से बाहर निकाले 6000 से अधिक स्थानीय परिवारों की इनकम में हर परिवार के लिए 1,000 युआन की वृद्धि हुई है। पूरे चीन में गरीबी से बाहर आ चुकी 832 काउंटियों ने 2 से 3 तक अपने मुख्य उद्योगों को बढ़ाया है। इन उद्योगों का कुल उत्पादन मूल्य 1700 अरब युआन से अधिक पहुंचा है। गरीबी से बाहर निकले लोगों की प्रेरणा बढ़ गयी है।
चीन में पूर्व-पश्चिम सहयोग और सामाजिक सहायता ने एक मज़बूत तालमेल बनाया है। गुईचोउ प्रांत में चिनपिंग काउंटी ने पूर्व-पश्चिम सहयोग से मिली निधि का इस्तेमाल कर बैडमिंटन से सम्बंधित औद्योगिक श्रृंखला बनाई है। पूर्वी चीन के क्वांगगडोंग प्रांत के फोशान से मिली सहयोग निधि से चिनपिंग काउंटी में हंस पालन उद्योग का पैमाना 17.6 लाख पक्षियों तक बढ़ा दिया है, जिससे 16,000 स्थानीय ग्रामीण परिवारों की इनकम बढ़ी है। पूर्वी चीन के 8 प्रांतों व केंद्रीय शासित शहरों और 310 केंद्रीय उद्यमों से मिले निश्चित व लक्षित समर्थन के साथ-साथ गरीबी से जूझ रहे इलाके अब अकेले प्रयास नहीं कर रहे हैं।
चीन में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं की कमजोरियों को जल्द से जल्द ठीक किया गया जिससे ग्रामीण पुनरोद्धार को मदद मिली। उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत ने 23 प्रमुख गरीबी उन्मूलन काउंटियों की परिवहन व पेयजल आदि परिस्थितियों में सुधार के लिये 74 अरब युआन का निवेश किया। मध्य चीन के शांक्सी प्रांत में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या ज़ीरो है और नल से पानी मिलने की दर 97.1% तक पहुंची है। ऐसे बदलावों से गरीबी से बाहर निकले लोगों की ज़िंदगी ज़्यादा सुरक्षित बनी है।
पांच साल की संक्रमण अवधि कामयाबी से खत्म हो रही है। गरीबी उन्मूलन में चीन की कामयाबियां समय और व्यवहार की कसौटी पर खरी उतरी हैं। यह दुनिया को पूरी तरह से दिखाता है कि गरीबी को न सिर्फ़ खत्म किया जा सकता है, बल्कि उसे दोबारा होने से भी रोका जा सकता है। इससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर “वैश्विक दक्षिण” का गरीबी उन्मूलन में भरोसा और बढ़ सकेगा।



