हर कोई ये चाहता है कि उसके घर में हमेशा सकराकत्मक उर्जा का प्रवाह बना रहे और नकारात्मकता कभी न आए. इसके लिए व्यक्ति पूजा-पाठ मंत्र-जाप और वास्तु शास्त्र में बताए गए उपायों को अपनाता है. वास्तु शास्त्र के उपायों में शामिल है घर में कलावा बांधना. वास्तु शास्त्र में कलावे को बेहद शुभ माना गया है.
मान्यता है कि अगर के कुछ विशेष जगहों पर कलावा बांधा जाए तो इससे घर में सुख-सौभाग्य बढ़ता है. साथ ही जीवन की सारी मुश्किलें दूर होती हैं. वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार, कलावा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है, बल्कि घर की उर्जा का संतुलन बनाए रखने के लिए भी कारगर माना जाता है. कलावा मंगलसूचक धागा है. इसे रक्षा सूत्र भी कहते हैं. हर शुभ काम इसके साथ ही शुरू होते हैं.
घर में इन जगहों पर बांधे कलावा
घर का प्रमुख द्वार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार कहा जाता है. मुख्य द्वार की चौखट या द्वार के ऊपरी हिस्से के बीच में कलावा बांधना चाहिए. इससे नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं. यह परिवार के लिए सुरक्षा कवच है. कलावे से शुभ उर्जा आकर्षित होती है.
कलश देवी-देवताओं और पवित्र नदियों का प्रतीक माना जाता है. वास्तु के अनुसार, पूजा में रखे कलश के मुख पर कलावा बांधना चाहिए. इससे घर में शांति और पवित्रता बनी रहती है.
घर की तिजोरी, कैश बॉक्स या पैसे रखने वाली अलमारी पर कलावा बांधना चाहिए. घर की ये जगह देवी लक्ष्मी की मानी गई है. इन जगहों पर कलावा बांधने से घर में बरकत होती है. साथ ही आर्थिक वृद्धि भी होती है.
इन बातों का रखें ध्यान
कलावा किसी शुभ दिन ही बांधा जाता है. पुराना होने पर कलावे को जल में बहा देना चाहिए. हर शुक्रवार को नया कलावा भी बांधा जा सकता है.



