कोरबा 24 नवंबर 2025 (वेदांत समाचार)। पी.एम. श्री सेजेस बालको नगर में सोमवार को बड़े हर्ष और उल्लास के साथ वरिष्ठ शिक्षकों का स्नेह सम्मेलन आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में वे सभी शिक्षक शामिल हुए जिन्होंने वर्ष 1995 से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। कार्यक्रम में देश–विदेश से आए सम्माननीय शिक्षकों की उपस्थिति को कोरबा जिले के लिए गौरवपूर्ण पल माना गया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि शिक्षकों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात प्राचार्य मनोकामनाता पाल ने सभी वरिष्ठ अतिथि शिक्षकों का पुष्पगुच्छ भेंटकर हार्दिक स्वागत किया। प्राचार्य द्वारा शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर अतिथियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में —
मधुलिका गीर (भूतपूर्व भूगोल व्याख्याता, कोरबा)
डॉ. चंद्रावती नागेश्वर (भूतपूर्व व्यायाम शिक्षिका, कैलिफोर्निया)
उमा दवे (प्रधान पाठिका, कोरबा)
कौशल प्रसाद मनहर (भूतपूर्व सहायक संचालक शिक्षा, जिला कोरबा)
दिनेश कुमार कौशिक (उप संचालक समग्र शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन)
उमा चटर्जी (भूतपूर्व इतिहास व्याख्याता)
प्यारेलाल चौधरी (भूतपूर्व जिला क्रीड़ा अधिकारी)
नायडू (भूतपूर्व उच्च श्रेणी शिक्षिका)
राजेश कुमार पसीने (सहायक प्राध्यापक, डायट कोरबा)
मेरखा आलो एक्का (सहायक प्राध्यापक, डायट कोरबा)
पुरनचंद पटेल (सहायक प्राध्यापक, डायट कोरबा)
मजनू तिर्की (पूर्व प्राचार्य, पंतोरा)
गीता हलधर (भूतपूर्व प्राचार्य, बिलासपुर)
डॉ. कृष्ण कुमार चंद्र (प्रधान पाठक, गतवा जांजगीर)
अयोध्या प्रसाद त्रिवेदी (भूतपूर्व वरिष्ठ लिपिक, जमनीपाली)
पुरुषोत्तम प्रसाद कौशिक (प्राचार्य, पंतोरा)
विनीता दास (प्राचार्य, कोरबा)
राम हरि शराफ (प्राचार्य, डायट कोरबा)
एम.पी. सिंह (प्राचार्य)
प्रबिला टोप्पो (प्राचार्य, तखतपुर)
धीरज अवस्थी (बिलासपुर)
गौरव शर्मा (प्राचार्य, प्रयास कोरबा)
संगीता मसीह (भूतपूर्व उच्च श्रेणी शिक्षिका, सराईपाली बसना)
निशा सोनी (भूतपूर्व प्रधान पाठिका, बालको)
नूरजहां कुर्रे (प्रधान पाठिका, जामबाहर कोरबा)
शिव शंकर मिश्रा (वरिष्ठ लिपिक, बालको नगर)
प्रेम कुमारी तिवारी (प्रधान पाठिका, बेलाकछार)
मनोज कुमार पटेल (व्याख्याता, तरदा)
कंचन यादव (व्याख्याता, राजगामार)
सहित कुल 40 अतिथि शिक्षक इस सम्मेलन में उपस्थित रहे।
अतिथियों के स्वागत में विद्यालय के शिक्षक घनश्याम श्रीवास के निर्देशन में स्वागत गीत और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसमें सीमा स्वर्णकार, काजल सिंहा, तनु प्रिया देवांगन, अनीता राठौर और नम्रता कश्यप ने सहयोग दिया। विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समस्त दर्शकों का मन मोह लिया।

अतिथि शिक्षकों ने इस दिव्य और उत्कृष्ट आयोजन की सराहना की और विद्यालय की प्रगति को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। 1972 में स्थापित यह विद्यालय आज छत्तीसगढ़ राज्य के अग्रणी संस्थानों में अपनी पहचान बना चुका है।
प्राचार्य मनोकामनाता पाल ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि राज्य में पहली बार किसी प्राचार्य द्वारा अपने पूर्व शिक्षकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है, ताकि विद्यार्थी अपने शिक्षकों के योगदान को जान सकें, संस्कारवान बनें और राष्ट्रहित में अपना सर्वोत्तम योगदान देने के लिए प्रेरित हों।

कार्यक्रम का सफल संचालन घनश्याम श्रीवास एवं नीलम शर्मा द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



