रायपुर,16 सितम्बर (वेदांत समाचार)। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल पर बैठे NHM संविदा कर्मचारियों को चेतावनी दी है। उनसे कहा है कि वे आज यानी मंगलवार तक काम पर लौट आएं। अगर कर्मचारी वापस नहीं लौटते तो 16,000 सीटें शून्य मान ली जाएगी और कर्मचारियों को नोटिस देकर नौकरी से निकाला जाएगा।
वहीं, सरकार के आदेश के बाद भी कर्मचारियों की स्ट्राइक जारी है। सरकार की चेतावनी का असर हड़ताल करने वाले कर्मचारियों पर नहीं हुआ है। NHM कर्मियों के हड़ताल को 27 दिन से अधिक होने जा रहे हैं। लेकिन सरकार ने 10 में से एक भी मांग लिखित में पूरी नहीं की है।
कांग्रेस बोली- झूठा वादा क्यों किया गया
कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख की सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, एनएचएम कर्मचारियों की मांग बिल्कुल जायज है, लेकिन सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय उन्हें बर्खास्तगी करने की चेतावनी दी जा रही है।
भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में एनएचएम कर्मचारियों से वादा किया था कि उनकी नौकरी नियमित की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान होगा। यह वादा प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का हिस्सा था। सवाल यह है कि जब वादा निभाना ही नहीं था, तो झूठा वादा क्यों किया गया? साफ है कि भाजपा सरकार अपने ही चुनावी वादों से मुकर रही है।
केन्द्र सरकार ने राज्य सरकार का मामला कह दिया
आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि एनएचएम कर्मचारियों का नियमितीकरण राज्य सरकार का विषय है, यानी अधिकार राज्य सरकार के पास है। फिर इस ‘डबल इंजन’ की सरकार को दिक्कत क्या है?
हम साफ चेतावनी देना चाहते हैं कि यदि किसी भी एनएचएम कर्मचारी को प्रताड़ित किया गया या जबरन दबाव बनाया गया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेगी। कांग्रेस पार्टी एनएचएम कर्मचारियों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
समाधान निकालने के बजाय सरकार दमन का रास्ता अपना रही
कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से देर शाम एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मुझे लगता है कि कर्मचारियों से बातचीत करने और उनकी मांगों का समाधान निकालने के बजाय सरकार दमन का रास्ता अपना रही है।
यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सभी सरकारी कर्मचारियों में गलत संदेश जाएगा। यही भाजपा सरकार का असली चेहरा है, जो संवाद की जगह दबाव और डर की राजनीति कर रही है।

कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता
हालांकि सरकार की इस सख्ती का कोई असर संविदा कर्मचारियों पर दिख नहीं रहा है। कर्मचारियों न सोमवार को रायपुर के तूता धरना स्थल पर रोजगार मेला लगाया। इस मौके पर अपना विरोध दिखाने के लिए किसी कर्मचारी ने गुपचुप का ठेला लगाया, तो किसी ने भेलपुरी का। कुछ फरा और चीला बेचते हुए भी नजर आए।



