Vedant Samachar

कठिन परिस्थितियों के बावजूद उम्मीद और परिश्रम की राह से अलग नहीं होने देती छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं

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3100 रुपये प्रति क्विंटल मिलने से होता है खुशी का वातावरण

कोरबा 21 नवम्बर 2025/(वेदांत समाचार)।
कोरबा जिले के वनांचल ग्राम पतरापाली की महिला किसान श्रीमती इतवारी बाई और उनका परिवार अपनी मेहनत, एकजुटता और धैर्य के बल पर खेती को जीवन यापन का मजबूत आधार बना चुके हैं। सिंचाई सुविधा सीमित होने के बावजूद यह परिवार खेती को ही अपनी शक्ति मानता है और सामूहिक प्रयास से हर साल बेहतर उत्पादन ले रहा है।
श्रीमती इतवारी बाई बताती हैं कि उनका खेत संयुक्त खाते में है, जहाँ परिवार के सभी सदस्य मिलकर लगभग 20 एकड़ भूमि में खेती करते हैं। फसल बेचने के बाद प्राप्त राशि का न्यायपूर्ण बंटवारा सभी भाईयों में किया जाता है। परिवार की सभी महिलाएं भी खेती के हर कार्य में बराबर की भागीदारी निभाती हैं। धान बोने से लेकर कटाई, मिंजाई और मंडी तक ले जाने तक। वे बताती हैं कि फसल का मौसम सिर्फ मेहनत का ही नहीं, बल्कि उम्मीद और खुशी का समय होता है। फसल अच्छी होने की प्रतीक्षा और उसे बेचकर घर के लिए जरूरी खर्च पूरे करने की खुशी परिवार के हर सदस्य के चेहरे पर झलकती है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल किए जाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इससे उन्हें मेहनत का उचित मूल्य मिलता है, वे कर्ज चुका पाते हैं और घर के आवश्यक सामान खरीदकर परिवार की जरूरतें पूरी कर पाते हैं।
श्रीमती इतवारी बाई को महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाला 1000 रुपए का सहयोग भी उनके और उनके परिवार के लिए सहारा साबित हो रहा है। यह राशि वे अपने निजी और घरेलू ज़रूरी कार्यों में उपयोग करती हैं।
परिवार के सदस्य राजाराम राठिया बताते हैं कि खेती अकेले किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं होती। जब पूरा परिवार मिलकर मेहनत करता है, तभी खेतों में फसल लहलहाती है और मंडी तक पहुँचकर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करती है। उन्होंने भी समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों को मिलने वाली राहत पर संतोष व्यक्त किया।
परिवार की एकजुटता, सरकार की योजनाएं और किसानों की निरंतर मेहनत, वनांचल ग्राम पतरापाली ही नहीं अन्य आम किसान परिवार की ज़िंदगी में खुशहाली ला रही है और यह छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाएं ही है जो किसानों को कठिन परिस्थितियों के बावजूद उम्मीद और परिश्रम की राह नहीं से अलग नहीं होने देते।

क्र/कमलज्योति/

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