छत्तीसगढ़,20नवंबर (वेदांत समाचार) । छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर की संपत्ति गाइडलाइन दरों का ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और तर्कसंगत पुनरीक्षण किया है। वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार दरों में संशोधन किया गया है। लंबे अंतराल के कारण वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों के बीच भारी अंतर पैदा हो गया था, जिसका असर किसानों, भूमिधारकों और आम नागरिकों पर पड़ रहा था।
वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ.पी. चौधरी के निर्देशन में तैयार की गई इस नई गाइडलाइन को अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाया गया है।
नियमों में क्या बदलाव ?
नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन को रोड-वाइज तैयार किया गया, ताकि एक ही सड़क पर स्थित वार्ड की दरों में विसंगति न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में समान मार्ग और परिस्थितियों वाले गांवों की दरें करीब लाई गईं।
अत्यधिक खंडों को कम करते हुए पूरी प्रक्रिया सरल की गई।
पूरे राज्य में नए हाईवे, कॉलोनी और औद्योगिक क्षेत्रों की दरों को पहली बार व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया।



