अंबिकापुर, 20 नवंबर (वेदांत समाचार)। सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस के समापन समारोह का भव्य आयोजन पीजी कॉलेज ग्राउंड में किया गया, जिसमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने मुख्यमंत्री ग्राम अखरा विकास योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और सामुदायिक गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण का लक्ष्य रखा गया है। समारोह में जनजातीय समुदाय के प्रमुखों का सम्मान किया गया तथा विभिन्न जनजातीय विद्रोहों के नायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिवारों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनजातीय विकास प्रदर्शनी एवं क्राफ्ट मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें राज्य की विविध आदिवासी परंपराओं और हस्तशिल्प की झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ के नक्सल पीड़ित लोगों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की थी, जिसे लेकर राष्ट्रपति अत्यंत प्रसन्न थीं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने कभी रायपुर तक नहीं देखा था, वे अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुके हैं—यह राज्य में शांति, विकास और प्रशासनिक पहुंच का प्रतीक है।
सीएम साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समुदाय के निरंतर उत्थान के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और आज सुदूर इलाकों तक सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। यह बदलाव जनजातीय समाज के बेहतर भविष्य की दिशा में राज्य के प्रयासों का परिणाम है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और जनजातीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।



